कराची: तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर (Mohammad Amir) ने 28 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले के लिए टीम मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया तथा उनकी छवि खराब करने के लिए कोच मिसबाह उल हक (Misbah Ul Haq) और तेज गेंदबाजी कोच वकार यूनिस की आलोचना की.
अपने यूट्यूब चैनल पर इस गेंदबाज ने साफ किया है कि उनकी परेशानी मिसबाह उल हक और वकार यूनिस (Waqar Younis) को लेकर थी. आमिर ने कहा, ‘ये लोग धीरे धीरे लोगों के दिमाग में जहर भरने की कोशिश कर रहे थे कि मैं टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहता हूं और सिर्फ पैसे कमाने के लिए टी20 लीग में खेलना चाहता हूं.
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मोहम्मद आमिर (Mohammad Amir) ने कहा, ‘उन्होंने यह धारणा बनाई थी कि मैंने तमाम उम्मीदों के बावजूद टीम को नीचा दिखाया. उन्होंने मेरी छवि खराब करने की कोशिश की. आपको अपनी छवि बनाने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है.
JUST IN: PCB have confirmed that Mohammad Amir has stepped down from international cricket.
147 internationals
259 wickets
2009 @T20WorldCup champion
2017 ICC Champions Trophy winnerWhat is your favourite moment of the Pakistan pace bowler? pic.twitter.com/ilUAaZxSrM
— ICC (@ICC) December 17, 2020
आमिर ने कहा, ‘ये मेरे लिए बहुत मुश्किल फैसला था लेकिन मुझे लगा कि समय आ गया है जबकि चुप नहीं रहना चाहिए. मैंने यह मसला उठाने और लोगों को सच्चाई से रूबरू कराने के लिए ये फैसला किया.’
उन्होंने कहा कि, ‘टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने खुद को सीमित ओवरों के मैचों के लिए उपलब्ध रखा था लेकिन जब मौजूदा टीम प्रबंधन ने जिम्मा संभाला तो अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया.’
आमिर ने कहा, ‘निश्चित तौर पर मैं आहत था जब उन्होंने न्यूजीलैंड दौरे के लिए 35 खिलाड़ियों में भी मुझे नहीं चुना. अगर मैं सिर्फ लीग में खेलने पर ध्यान दे रहा होता तो मुझे न्यूजीलैंड दौरे से बाहर किए जाने पर बुरा नहीं लगता और मैं प्रतिक्रिया भी नहीं करता.’
(इनपुट-भाषा)