आंदोलन की स्ट्रैटजी बताते यूनियन के प्रांतीय संयोजक वीकेएस परिहार.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निजीकरण को लेकर एक पत्र भेजा गया है. जिसमें केंद्र सरकार के बिजली वितरण क्षेत्र में जारी किए गए स्टेंडर्ड विड डॉक्युमेंट को मध्य प्रदेश में लागू नहीं करने की मांग की गई है.
- News18Hindi
- Last Updated:
December 20, 2020, 6:50 PM IST
एसोशिएसन के सचिव प्रदीप द्विवेदी कहा कि बिजली कर्मचारियों का मुख्य मुद्दा निजीकरण का है. यदि सरकार ने निजीकरण से जुड़े मसले पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर के बिजली अधिकारी-कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन करेंगे. जनवरी में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा. बिजली कर्मचारी निजीकरण को बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगें.