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देवेंद्र नामदेव | सागर19 घंटे पहले
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सागर | चलित स्कूल में बच्चों को पढ़ाते शिक्षक।
- आपदा के दौरान बच्चों को पढ़ाने के लिए प्राथमिक शाला रिछोड़ा टपरा के शिक्षक का प्रयोग, एक दिन में लगती हैं पांच मोहल्ला क्लास
जिले के सरकारी स्कूल के शिक्षक में पढ़ाने का अजब ही जुनून देखने को मिला है। इस शिक्षक ने खुद के खर्च पर अपनी स्कूटी पर चलता फिरता स्कूल और पुस्तकालय बनाया है। भ्रमण के दौरान जहां बच्चे मिल गए, वहीं मोहल्ला क्लास शुरु हो जाती है। पिछले 5 माह से चल रहे इस स्कूल के तहत अब तक करीब 450 कक्षाएं गांव और शहरी क्षेत्र में लगाई जा चुकी हैं।
शासकीय प्राथमिक शाला रिछोड़ा टपरा के शिक्षक चंद्रहास श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण प्राइमरी और मिडिल स्तर के स्कूल शासन ने इस साल 31 मार्च 2021 तक बंद कर दिए हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। जुलाई माह में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अपना घर अपना विद्यालय कार्यक्रम शुरू किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों से मेलजोल शुरू हुआ। रोज 5 विद्यार्थियों से मुलाकात करते-करते चलता-फिरता स्कूल और पुस्तकालय शुरू करने का आइडिया दिमाग में आया।
खर्च किए 30 हजार और मोपेड को बदला चलित स्कूल में

सागर | चलित स्कूल के बोर्ड में पढ़ते बच्चे।
शिक्षक ने अपनी स्कूटी को मॉडिफाई कराकर उसे चलते फिरते स्कूल में बदलवा लिया। इस पर करीब 20 हजार रुपए का खर्च आया। इसके अलावा पुस्तकालय बनाने के लिए करीब 3 हजार रुपए की किताबें खरीदी गई हैं। स्कूल में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए किताबें मौजूद हैं। इनमें बाल गीत, कहानी, मनोरंजक कहानी और सामान्य ज्ञान की पुस्तकें शामिल हैं। इसके अलावा एक ग्रीन बोर्ड भी पुस्तकालय में लगवाया गया है। इससे बच्चों को अक्षर ज्ञान कराया जाता है।
क्लास-क्लास में 10 से 25 बच्चे आते हैं
शिक्षक बताते हैं कि 1 दिन में पांच स्थानों पर मोहल्ला क्लास लगाई जाती है। पांच माह में रिछोड़ा, रिछोड़ा टपरा, ग्यागंज, पटकुई, बरारु, कैंट, सदर, पंतनगर, पथरिया और मोतीनगर में क्लास लगाई जा चुकी है। इन क्लास में 10 से 25 तक विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं। पढ़ाई के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बनी रहे।
पढ़ाई के साथ कोरोना से भी लड़ाई
पढ़ाई के दौरान हर एक विद्यार्थी को मास्क लगवाया जाता है। साथ ही सैनिटाइजर या साबुन से उनके हाथ साफ कराए जाते हैं। स्वयं के व्यय पर मास्क और साबुन वितरण भी किया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई से संबंधित सामग्री पेन, पेंसिल, किताबें भी बांटी हैं। अब तक करीब 2000 लोगों को शिक्षक द्वारा मास्क बांटे गए हैं।