क्रिसमस की तैयारियां जोरों पर: कोरोना की बजह से पहली बार प्रभु यीशु के जन्म पर रात 12 बजे होने वाली प्रार्थना, अब शाम 7 बजे होगी

क्रिसमस की तैयारियां जोरों पर: कोरोना की बजह से पहली बार प्रभु यीशु के जन्म पर रात 12 बजे होने वाली प्रार्थना, अब शाम 7 बजे होगी


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ग्वालियर26 मिनट पहले

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क्रिसमस पर घर में बनाई गौशाला और क्रिसमस ट्री

  • शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक होंगे आयोजन
  • – रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक है कर्फ्यू लागू है

क्रिसमस की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के सभी चर्च में कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रभु यीशु का जन्मदिवस मनाया जाएगा। हर साल 24 दिसंबर की रात 12 बजे यीशु के जन्म पर होने वाली प्रार्थना का समय भी बदला गया है। यह प्रार्थना अब शाम 7 बजे से रात 8.30 बजे के बीच होगी। सदी में ऐसा पहली बार हो रहा है जब यीशु के जन्म को रात को नहीं मनाया जाएगा। इसके अलावा चर्च में सोशल डिस्टेंस, मास्क और अन्य नियमों के पालन पर जोर दिया जा रहा है। कोरोना के चलते बच्चे घर-घर यीशु के जन्मदिवस को मनाने क्रिसमस ट्री बना रहे हैं, घरो में गौशाला का मॉडल बनाया गया है। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि प्रभु यीशु का जन्म गौशाला में ही हुआ था।

रात के कर्फ्यू का होगा पालन

संत जॉन महा गिरजाघर में शाम 7:00 बजे से 8:30 बजे तक प्रार्थना होगी स्थानीय प्रशासन द्वारा रात 10:00 बजे से कर्फ्यू को ध्यान में रखते हुए चर्च कमेटी ने यह निर्णय लिया है कि सभी कार्यक्रम रात 9 बजे से पहले किए जाएंगे। यह जानकारी ग्वालियर क्रिश्चियन एसोसिएशन के संयोजक एवं सेंट जॉन महा गिरजाघर परिषद के सदस्य एडवोकेट राजू फ्रांसिस ने दी है।

कोरोना के चलते दायरा कम, पर जोश पूरा

कोविड-19 के चलते क्रिसमस के आयोजन का दायरा कम किया गया है, लेकिन क्रिसमस के जोश में कहीं कोई कमी नहीं दिख रही है। प्रभु यीशु के जन्म दिवस को पूरे जोश से मनाने के लिए चर्च सजकर तैयार हो चुके हैं। चर्च में भी गौशाला जो प्रभु यीशु की जन्म स्थली बनाई गई हैं।

इस बार घरघर जाकर नहीं गाए कैरोल गीत

इस वर्ष कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए कैरोल गीत मंडली ने निश्चित स्थान पर खड़े होकर गीत गाए हैं। हर वर्ष यह मंडली घर-घर जाकर गीत गाती थी, लेकिन इस बाद संक्रमण से बचने के लिए कुछ निश्चित स्थान चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही 25 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे विभिन्न गिरजाघर में कैरोल गीत गाए जाएंगे और केक काटकर जन्मदिवस मनाया जाएगा।



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