- Hindi News
- Local
- Mp
- Indore
- Police Caught 17 Peddlers Related To Drugs, Administration Sealed 8 Pubs, What Are You Doing?
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
इंदौर21 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
विडोरा पब सील करते अफसर। (फाइल फोटो)
- पब में गलत कामों की जानकारी देने वाला हमारा सूचना तंत्र नाकाम रहा : आबकारी
पुलिस पिछले 15 दिनों में ड्रग्स रैकेट से जुड़े 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें तीन सरगना और 14 ड्रग्स पैडलर्स शामिल है। वहीं प्रशासन दो बार की कार्रवाई में आठ पब सील कर चुका है। एक ओर शहर में ड्रग्स का नशा पैर पसार रहा, वहीं नार्कोटिक्स और आबकारी विभाग के जिम्मेदार बेखबर है। जिन अफसरों पर पब में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण का जिम्मा था, उनकी नाक के नीचे ही पब में नियम-कायदे धुएं में उड़ते रहे।
सीधी बात- राजनारायण सोनी सहायक आबकारी आयुक्त
दोषी अफसरों पर कार्रवाई करेंगे, देर रात तक चलने वाले पबों पर दबिश देंगे
- पब में सीलिंग प्रशासन को करना पड़ी, ये आपकी विफलता नहीं है? गलत कामों की जानकारी देने वाला हमारा सूचना तंत्र नाकाम रहा। इसे और मजबूत करेंगे।
- पब-बार, ड्रग कारोबारियों पर सख्ती आखिर कैसे करेंगे? पब संचालकों से शपथ पत्र लेंगे। लापरवाही मिली तो सीधे लाइसेंस रद्द की कार्रवाई होगी।
- महकमे के अफसरों पर पैसा लेकर देर रात तक पब चलवाने के भी आरोप हैं? लापरवाह अधिकारियों की सुपर मॉनिटरिंग करवाई जाएगी। पब संचालकों से सांठगांठ पर सबूत मिला तो कड़ा एक्शल लेंगे। देर रात तक चलने वाले पबों पर आकस्मिक दबिश और चेकिंग का प्लान बनाया है। सभी सर्कल के एडीईओ को अलर्ट किया है।
पब में नशानाच के लिए इन्हें मिले नोटिस
राजीव द्विवेदी, सहा. जिला आबकारी अधिकारी, लक्ष्मीकांत रामटेके, उपआरक्षक, अरविंद शर्मा, आरक्षक, केके भदौरिया, होशियारसिंह राजपूत, विपुल खरे
नोटिस मिला तो जवाब दिया- हम तो हमेशा अलर्ट रहते हैं निपानिया स्थित बैकयार्ड कैफे में 21 साल से कम उम्र के लोगों के शराब पीते पाए जाने के मामले में कलेक्टर मनीष सिंह ने इन्हीं छह आबकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को नोटिस दिए थे। सभी ने जवाब दिया कि वे हमेशा मैदान में सक्रिय रहते हैं और अवैध गतिविधियों पर नजर रखते हैं। दस दिन पहले ही इस कैफे पर कार्रवाई कर आबकारी एक्ट का प्रकरण बनाया था। संबंधित संचालक ने फिर यह अवैध काम किया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को मौखिक चेतावनी दी है।
सीधी बात- गीतेश गर्ग, नार्कोटिक्स एसपी
हमारा फोकस ड्रग्स के गढ़ मंदसौर-नीमच बेल्ट पर, वहीं मुस्तैद रहते हैं
प्रशासन ने आबकारी/ नार्कोटिक्स में कार्रवाई की। आपका विभाग इतने दिन से क्या कर रहा था?
नार्कोटिक्स की ज्यादातर कार्रवाई मंदसौर-नीमच के बेल्ट में होती है। हम ड्रग्स के मूल स्थान पर बतौर नोडल एजेंसी काम करते हैं। इसलिए हमारी सक्रियता उन्हीं क्षेत्रों
में ज्यादा होती है।
अमला जिम्मेदारी निभाता तो क्या इतने बड़े पैमाने पर नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आता?
नार्कोटिक्स की हमारी नोडल एजेंसी है। हमारे पास दूसरे जिले की कार्रवाई और उनके कोऑर्डिनेशन के टेक्निकल वर्क लोड रहते हैं। वैसे भी वर्तमान में हमारे पास स्टाफ की काफी कमी है। ड्रग्स तस्करों के लिए जिला पुलिस सक्रिय रहती है। हम टेक्निकल मदद और कार्रवाई के लिए आगे की लिंक देते हैं।