सरकारी जमीन: बिना अनुमति बनाया 18 फीट ऊंचा गेट, प्रशासन ने जेसीबी से ढहा दिया

सरकारी जमीन: बिना अनुमति बनाया 18 फीट ऊंचा गेट, प्रशासन ने जेसीबी से ढहा दिया


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हाेशंगाबाद2 घंटे पहले

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  • फकीर मोहल्ले का नाम बदलने के लिए चंदा करके बनाया जा रहा था गेट

बिना अनुमति सरकारी जमीन पर बनाया जा रहा 18 फीट ऊंचा निर्माणाधीन गेट रविवार को गिरा दिया गया। नाला मोहल्ले में प्रशासनिक दल के पहुंचने पर गेट गिराने का विरोध हुआ, लेकिन प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से पक्के गेट का स्ट्रक्चर गिरा दिया। यह गेट अवैधानिक तरीके से निर्मित किया जा रहा था, इसकी कोई अनुमति नहीं ली गई थी। प्रशासन को यह शिकायत मिली थी कि यार्ड रोड पर नाला मोहल्ला के लगे फकीर मोहल्ले में गली के छोर पर प्रशासन की बिना अनुमति से सीमेंट कांक्रीट का गेट बनाया जा रहा है। गेट निर्माण का काम तीन दिन से चल रहा था। यह गेट 18 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा बनाया जा रहा था। इसमें ग्रेनाइट व लाइट लगाने के पर करीब एक लाख रुपए की लागत आती। मोहल्ले के लोग निर्माणाधीन गेट पर 40-50 हजार रुपए खर्च कर चुके थे। उनका मानना था कि इससे आवागमन में कोई रुकावट नहीं आएगी। रविवार को नपा और राजस्व विभाग के अधिकारी पुलिस बल लेकर गेट तोड़ने पहुंचे तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाएं और बच्चे आगे आ गए। रहवासियों ने एक दिव्यांग को ट्राइसाइकिल पर गेट के नीचे बैठा दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि यह अवैधानिक निर्माण है। कोई अनुमति नहीं ली गई है। स्थल पर एसडीएम मदनसिंह रघुवंशी, सीएमओ हेमेश्वरी पटले व टीआई रामस्नेही चौहान आ चुके थे। इनके तहसील व नपा के लगभग 80 कर्मचारी मौजूद थे। अंततः प्रशासन के समक्ष गेट निर्माणकर्ताओं को झुकना पड़ा। कुछ युवक गेट की सैंटरिंग खोलने लगे। इसके बाद प्रशासन की जेसीबी ने निर्माणाधीन गेट गिरा दिया।

निर्माण से पहले नहीं ली गई थी प्रशासन से अनुमति
मोहल्ले के आरिफ खान के अनुसार इस क्षेत्र का नाम फकीर मोहल्ले से बदलकर हुसैनी मोहल्ला रखना था। यहां धर्मस्थल भी है। इसी नाम का प्रवेश द्वार सामाजिक रूप से चंदा करके बनाया जा रहा था, क्योंकि फकीर मोहल्ला बोलने और सुनने में अच्छा नहीं लगता। लेकिन प्रशासन की आपत्ति को देखते हुए निर्माण से जुड़े मोहल्ले के लोग आगे आकर गेट तोड़ने को राजी हो गए। दरअसल, इन लोगों ने गेट निर्माण के पूर्व प्रशासन को अवगत नहीं करवाया था। और बिना अनुमति काम शुरू कर दिया। इसकी शिकायत प्रशासन तक पहुंच गई। प्रशासन ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गेट को जेसीबी की सहायता से तुड़वा दिया।



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