मार्च में लाॅकडाउन के चलते नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत विकास कार्यों का काम शुरू करने पर पाबंदी लगा दी गई थी। अनलॉक के बाद अब सभी काम शुरू किए जा रहे हैं। इस पर भी पूर्व विधायक दिलीपसिंह शेखावत श्रेय की राजनीति कर रहे हैं, जो सही नहीं है।
यह बात विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने शनिवार रात 8 बजे मीडिया को जारी बयान में कही। गुर्जर ने कहा कि पूर्व विधायक मुख्यमंत्री से मिलकर नागदा-खाचरौद क्षेत्र में निर्माण कार्य के टेंडर लगाने और लंबित कामों को प्रारंभ करने का अनुरोध कर रहे हैं। हास्यास्पद है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री इतने फुर्सत में है कि आजकल वे नागदा-खाचरौद में टेंडर की प्रक्रिया भी देख रहे हैं। गुर्जर ने बताया कि पूर्व विधायक जिन कामों को शुरू कराने का दावा कर रहे हैं असल में वो उनके आदेश जनवरी-फरवरी में ही कांग्रेस की प्रदेश सरकार कर चुकी है। नागदा-खाचरौद के तीनों रेलवे ओवरब्रिजों के टेंडर होकर वर्कऑर्डर जारी हो चुका है। फिलहाल सर्वे किया जा रहा है। रामातलाई (खाचरौद-रतलाम मार्ग) खाक चौक मंदिर मार्ग, धाकड़ धर्मशाला खाचरौद मार्ग, बनवाड़ा से राजगढ़ मार्ग, सोनचिड़ी से संडावदा मार्ग, कमठाना से बरथुन मार्ग, निनावटखेड़ा से किलोड़िया इनके अनुबंध व कार्यादेश फरवरी-मार्च में ही हो चुका है। लाॅकडाउन में काम करने की सुविधा नहीं होने पर अनलॉक में काम शुरू हो चुका है। पूर्व विधायक शुरू हो चुके कामों के लिए मुख्यमंत्री से अनुशंसा कराने में ही लगे हैं। जिला बनाने को लेकर कांग्रेस की मंत्री परिषद 18 मार्च 2020 को ही स्वीकृति दे चुकी है। अब महज अधिसूचना भर जारी करना है। कन्या कॉलेज और 100 बेड के सरकारी अस्पताल निर्माण का ड्रोन सर्वे हो चुका है।
सामान्य विवाह पर रोक तो कैसे हो सकते हैं सामूहिक विवाह
विधायक गुर्जर ने 18 माह से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत विवाह समारोह नहीं होने पर स्पष्ट किया कि चुनाव की आचार संहिता के बीते साल विवाह समारोह नहीं हो सका। अब जब सामान्य विवाह समारोह में 50 से ज्यादा लोगों की अनुमति नहीं है तो सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किस परिस्थिति में हो सकता है, इस पर भी पूर्व विधायक को गौर करना चाहिए।
लॉकडाउन में रुके विकास कार्य, अनलॉक में होंगे शुरू