5 साल के खर्च से समझें कौन सी ज्यादा किफायती
पहले बात करते हैं पेट्रोल कार की : मान लीजिए पेट्रोल की कीमत अभी 82 रुपये प्रति लीटर है और 5 साल तक इसी दाम में सारे खर्च को लेकर चलते हैं तो इतना आएगा खर्च-
>> कार की कीमत 8 लाख रुपये>> कार का माइलेज 16 km / लीटर
>> 5 साल में तय औसत दूरी 90 हजार km
>> 5 साल में पेट्रोल की खपत 5625 लीटर
>> 5 साल में पेट्रोल पर खर्च 5625 x 82 = 4.61 लाख रुपये
>> 5 साल में इंजन मेंटेनेंस का खर्च 1 लाख रुपये
>> अब 5 साल के इन सारे खर्चों को जोड़ा (8+4.61+1) जाए तो कीमत आती है 13.61 लाख रुपये
अब बात करते हैं इलेक्ट्रिक कार की : मान लें कि 6 रुपये प्रति यूनिट बिजली खर्च है और पांच साल तक यही रहेगा
>> कार की कीमत 12 लाख रुपये
>> कार का माइलेज 200 km / चार्ज
>> 5 साल में तय औसत दूरी 90 हजार km
>> 5 साल में चार्ज करनी पड़ी 450 बार
>> 1 बार में चार्ज करने पर बिजली की खपत 15 यूनिट
>> 5 साल में बिजली की खपत 450 x 15 = 6750 यूनिट
>> 5 साल में कुल बिजली का खर्च 6750 x 6 = 40 हजार रुपये
>> 5 साल में एक बैटरी बदलने का खर्च 2 लाख रुपये
>> अब 5 साल के इन सारे खर्चों को जोड़ा (12+0.40+2) जाए तो कीमत आती है 14.40 लाख रुपये
अब बात करते हैं इसमें छूट की
अगर आपने लोन लेकर इलेक्ट्रिक कार खरीदी है, जिस पहले साल 50 हजार रुपये का ब्याज लगा है तो उस साल इनकम टैक्स में 50 हजार रुपये की छूट मिलेगी. वहीं अगर ब्याज की रकम एक साल में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो एक साल में सिर्फ 1.5 लाख रुपये की ही छूट मिलेगी. पूरे लोन की अवधि में अधिकतम 2.50 लाख रुपये तक की इनकम छूट मिल सकती है.
सब्सिडी : 1.50 लाख रुपये
दिल्ली-एनसीआर में 14 लाख की कर पर रोड टैक्स में छूट – करीब 1 लाख रुपये
लोन के ब्याज में इनकम टैक्स में छूट – 2.50 लाख रुपये
कार खरीदने पर कुल छूट: 1.50+1+2.50 = 5 लाख रुपये
अब अगर पांच साल में दोनों कार में फर्क देखें तो
पेट्रोल कार – 13.61 लाख रुपये
इलेक्ट्रिक कार – 14.40- 5 = 9.40 लाख रुपये