Harda: 2 करोड़ का माल ले चंपत हो गई कंपनी, दो दर्जन किसानों से ठगी, Fir दर्ज

Harda: 2 करोड़ का माल ले चंपत हो गई कंपनी, दो दर्जन किसानों से ठगी, Fir दर्ज


देवास में एक कंपनी ने किसानों को 2 करोड़ का चूना लगाया है. ( फाइल फोटो)

हरदा जिले में एक कंपनी ने करीब दो दर्जन किसानों के साथ फसल का समझौता किया. ये समझौता छोटा-मोटा नहीं, बल्कि मंडी से अधिक रेट में करीब 2 करोड़ का है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 30, 2020, 12:21 PM IST

भोपाल. कृषि कानून पर एक तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों को आश्वासन पर आश्वासन दिए जा रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश के हरदा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है कि वह शिवराज सहित पूरी भाजपा को कटघरे में खड़ा कर देगा.

हरदा जिले में एक कंपनी ने करीब दो दर्जन किसानों के साथ फसल का समझौता किया. ये समझौता छोटा-मोटा नहीं, बल्कि मंडी से अधिक रेट में करीब 2 करोड़ का है. ये कंपनी किसानों से माल खरीदने के बाद उन्हें बिना भुगतान किए हुए गायब हो गई है.

तीन महीने पहले कंपनी ने रद्द कराया रजिस्ट्रेशन
जानकारी के मुताबिक, खोजा ट्रेडर्स ने हरदा के देवास शहर में करीब 22 किसानों से मसूर-चना का समझौता किया. लेकिन, किसानों को भुगतान की बारी आई तो खोजा ट्रेडर्स का पता ही नहीं लगा. इसके बाद किसानों ने जैसे-तैसे उनका पता लगाया तो वे चौंक गए. मालूम चला कि तीन महीने के अंदर ही उन्होंने अपनी कंपनी का रजिस्ट्रेशन खत्म कर दिया है. मामेल को लेकर किसान खातेगांव पुलिस स्टेशन गए और FIR दर्ज कराई. किसानों ने प्रशासन से भी लिखित में इसकी शिकायत की है.किसानों का दावा- 100 से ज्यादा किसानों के साथ हो चुकी ठगी

किसानों का दावा है कि आसपास के इलाकों में करीब 100-150 किसानों के साथ इस तरह की घटना हुई है. किसानों को इस मामले में शक तब हुआ जब ट्रेडर्स द्वारा दिया गया चेक ही बाउंस कर गया. खोजा ट्रेडर्स ने उन्हें मंडी रेट से 700 रुपये क्विंटल अधिक दाम देने की बात कही थी.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, किसानों ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में कहा है कि खोजा ट्रेडर्स के दो भाइयों ने अपना लाइसेंस दिखाकर हमसे फसल ले ली और पैसे देने की बात कही. लेकिन जब पैसा नहीं आया, तो उन्होंने मंडी में संपर्क किया और वहां पता लगा कि अब उनका रजिस्ट्रेशन ही नहीं है. देवास के कलेक्टर का इस विवाद पर कहना है कि पुलिस की मदद से उन्होंने ट्रेडर्स का पता लगाना शुरू कर दिया है.








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