तेंदुए से मालिक की जान बचाते हुए कुत्‍ता बन गया शिकार, पढ़ें पूरी डिटेल | indore – News in Hindi

तेंदुए से मालिक की जान बचाते हुए कुत्‍ता बन गया शिकार, पढ़ें पूरी डिटेल | indore – News in Hindi


गांव वालों ने आकर बचाई जान युवक की जान.

महू तहसील के बड़ी जाम बुरालिया के जंगलों में मवेशी चराने वाले अजय सिंह डाबर (Ajay Singh Dabur) का अचानक तेंदुआ (Leopard) से सामना हो गया. वह अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर चढ़ गया, लेकिन उसका कुत्‍ता भागने के बजाए वहीं खड़ा रहा, जिसका शिकार तेंदुए ने कर लिया.

इंदौर. मध्‍य प्रदेश के इंदौर जिले की महू तहसील के बड़ी जाम बुरालिया के जंगलों में अजय सिंह डाबर (Ajay Singh Dabur)अपने मवेशी चराने गया हुआ था. इसी दौरान अचानक उसके सामने तेंदुआ (Leopard) आ गया और वह जान बचाने के लिए तत्काल पेड़ पर चढ़ गया. इसी बीच उसके मवेशी भी जान बचाकर भाग गए, लेकिन उसका वफादार कुत्ता (Dog)पेड़ के नीचे ही मालिक की जान बचाने के लिए खड़ा रहा. इसी वजह से कुत्ते का तेंदुए ने शिकार कर लिया.

गांव वालों ने आकर बचाई जान
तेंदुए के पेड़ के नीचे खडे़ होने के बावजूद अजय ने हिम्मत नहीं हारी वो तकरीबन दो घंटे तक पेड़ पर चढ़ा रहा.वहीं, उसने बीजेपी नेता संतोष पाटीदार को फोन लगाया,क्योंकि अजय के पिता मान सिंह डाबर जनपद प्रतिनिधि हैं. ये खबर गांव में फैलते ही गांव वाले इकट्ठे होकर जंगल पहुंचे और अजय को पेड़ पर से उतारकर वापस लाए. हालांकि उसे अंदाजा नहीं था कि अचानक तेंदुए से उसका आमना सामना हो जाएगा, इसलिए वो निश्चित होकर जंगल में अपने मवेशी चरा रहा था. बहरहाल, शिकार की तलाश में घूम रहे तेंदुए ने हमला कर दिया, लेकिन वह अपने हौसले की वजह से बच गया.

20 से ज्यादा पालतू जानवरों को शिकार बना चुका है तेंदुआ इंदौर के नजदीक महू वनक्षेत्र में तेंदुओं का आतंक बढ़ने लगा है. पिछले 6 महीने में कई मवेशियों को इन्होंने अपना शिकार बनाया है. ज्यादातर हमले जंगल में चरने गई गाय और भैंसों पर हुए हैं. जबकि कुछ मामलों में तेंदुओं ने गांव में घुसकर मवेशियों पर हमला किया है. अचानक हमले की घटना बढ़ने के पीछे वन विभाग का तर्क है कि जंगल में शाकाहारी जानवरों की कमी आई है इसकी वजह से तेंदुए अब पालतू पशुओं की तलाश में घूम रहे हैं. इसीलिए महू रेंज में आने वाले जंगलों में तेंदुए के हमले से मरने वाले मवेशियों की संख्या बढ़ गई है. वनमंडल महू के रेंजर महेश अहिरवाल का कहना है कि जंगलों में खरगोश-हिरण जैसे जानवर कम हो चुके हैं. इसके चलते तेंदुए गांव की तरफ रुख कर रहे हैं. वैसे इन दिनों विभाग ने कुछ जगह नाइट विजन कैमरे लगाए हैं और इनके जरिए तेंदुओं की लोकेशन का अंदाजा लगाया जा रहा है.

ग्रामीणों को किया अलर्ट
तेंदुओं के हमले बढ़ने के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है. जंगल के नजदीक बने वन ग्रामों पर नजर रखी जा रही है. वनकर्मियों ने ग्रामीणों को शाम 4 बजे के बाद जंगलों में जाने से मना कर दिया है, यहां तक पशुओं को भी जंगल ले जाने के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है. वहीं, रात में ग्रामीणों को घर के अंदर रहने की हिदायत दी गई है.

चोरल-महू में करीब 32 तेंदुए
इंदौर वनमंडल के चोरल और महू के जंगलों में तेंदुओं की संख्या सबसे अधिक है. दोनों तरफ कम से कम 32 तेंदुओं के पैरों के निशान मिल चुके हैं,इनमें वयस्क के अलावा उनके बच्चों के पैरों के निशान भी हैं. महू में करीब 18-20 तेंदुए होना बताए गए हैं और ये पातालपानी, मांगलिया, नाहरखेड़ा, नाहर खुदड़ा, कुशलगढ़, छोटी-बड़ी जाम में हैं.जबकि चोरल के आशापुर,कालाकुंड,रतवी,बेका,उमठ,रसकुडिया में भी तेंदुए देखे गए हैं.





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