ब्रॉडगेज की पहली सुपरफास्ट: गया-चेन्नई एक्सप्रेस आज रचेगी इतिहास, शाम 4.05 होगी रवाना, 274 किमी दूरी और पांच घंटे का समय बचेगा

ब्रॉडगेज की पहली सुपरफास्ट: गया-चेन्नई एक्सप्रेस आज रचेगी इतिहास, शाम 4.05 होगी रवाना, 274 किमी दूरी और पांच घंटे का समय बचेगा


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जबलपुर27 मिनट पहले

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प्रतीकात्मक

  • जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज पर पहली ट्रेन का होगा संचालन, नैनपुर, बालाघाट, गोंदिया में दिया गया है स्टॉपेज

बहुप्रतीक्षित जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज पर रविवार शाम 4.05 गया-चेन्नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस के रवाना होते ही आदिवासी अंचल रेल रूट से जुड़ जाएगा। इस रूट से जहां गया-चेन्नई के बीच की दूरी 274 किमी कम हो जाएगी। वहीं पांच घंटे का समय भी कम हो जाएगा। ये ट्रेन जबलपुर से रवाना होगा इस रूट पर नैनपुर, बालाघाट व गोंदिया में रुकेगी। वापसी में ये ट्रेन पांच जनवरी को चेन्नई से रवाना होगी। इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
30 साल का सपना होने जा रहा पूरा
जानकारी के अनुसार रेल मंत्रालय ने पिछले दिनों गया-चेन्नई सेंट्रल स्पेशल ट्रेन 02389 को इस रूट से चलाने का निर्णय लिया था। यह ट्रैक महाकौशल के चार जिलों को महाराष्ट्र होकर दक्षिण भारत से जोड़ेगा। उत्तर से दक्षिण भारत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रेल मार्ग होगा। इसके पूरी तरह से चालू होने से जहां जबलपुर एक बड़े जंक्शन के तौर पर उभरेगा। वहीं इटारसी रूट पर ट्रेनों की ट्रैफिक भी कम होगी। गया-चेन्नई स्पेशल के तौर पर ब्रॉडगेज पर पहली इलेक्ट्रिक यात्री ट्रेन का संचालन होते ही 30 साल का संघर्ष पूरा हो जाएगा। खासकर आदिवासी अंचल के विकास के नए द्वार खुलेंगे।
एक माह तक प्रायोगिक रूप से चलेगी ट्रेन
रेलवे ने गया से चेन्नई के बीच संचालित 02389/02390 को अभी प्रयोगिक तौर पर एक महीने के लिए इस रूट पर संचालित करने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन हर सप्ताह रविवार को जबलपुर से गुजरेगी। वहीं हर मंगलवार को वापसी में ये ट्रेन आएगी। पहले इटारसी के रास्ते जबलपुर से बल्लारशाह जाने में 15 घंटे लगते थे। अब इस ट्रैक से यह ट्रेन 10 घंटे में उक्त दूरी पूरी कर लेगी। समय के साथ इस ट्रैक पर ट्रेन की रफ्तार बढ़ने से समय में दो घंटे की और बचत हो सकती है।

ये होगा ब्रॉडगेज का रूट

ये होगा ब्रॉडगेज का रूट

482 किमी ही तय करनी होगी दूरी
यह ट्रेन जबलपुर से इटारसी, नागपुर-बल्लारशाह के ट्रैक पर चलती थी। इससे जबलपुर से बल्लारशाह की दूरी 756 किमी पड़ता था। अब गोंदिया से ये दूरी महज 482 किमी का रह जाएगा। जबलपुर गोंदिया ब्रॉडगेज आदिवासी अंचल की जीवन रेखा बनेगी। नैरोगेज इस अंचल की लाइफलाइन मानी जाती थी, लेकिन इसके बंद होने के बाद से ये अंचल रेल कनेक्टिविटी से कट सा गया था। सिवनी, बालाघाट, मंडला जैसे शहर इस ट्रैक के प्रमुख स्टेशनों के रूप में सामने आएंगे। कान्हा, पेंच जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल के साथ औद्योगिक विकास भी इस अंचल का तेजी से होगा।

रेलवे ट्रैक के बारे में ये है इतिहास

  • वर्ष 1806 में जबलपुर-नैनपुर-गोंदिया नैरोगेज बना
  • वर्ष 1980 से इस ट्रैक को ब्रॉडगेज में बदलने की मांग उठी
  • वर्ष 1991 में अमान परिवर्तन के लिए रेलवे ने सर्वे किया
  • वर्ष 1996 में नैरोगेज ट्रैक को ब्रॉडगेज बनाने का काम शुरू हुआ
  • वर्ष 2020 में नैनपुर-समनापुर ट्रैक बनने के साथ काम पूरा हुआ

कई आंदोलन और प्रदर्शन का रहा इतिहास
जबलपुर से गाेंदिया तक ब्रॉडगेज को बनाने के लिए 30 वर्ष में कई आंदोलन व प्रदर्शन हुए। पूर्व विधायक हरेंद्रजीत सिंह बब्बू ने जबलपुर से नैनपुर नौरोगेज ट्रैक पर पदयात्रा की। कांग्रेस नेताओं की अगुवाई में हाउबाग स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन हुआ। जबलपुर, बालाघाट, मंडला व सिवनी में कई नेताओं ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस ट्रैक के लिए संघर्ष किया। रेल संघर्ष समिति बनाकर कई बार ट्रेनें रोकने से लेकर प्रदर्शन हुए। इस ट्रैक के लिए सांसद राकेश सिंह ने लगातार प्रयास किए। रेल बजट में राशि बढ़वाने के बाद जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट ब्रॉडगेज आकार ले पाया।

आगे इस ट्रैक पर ये हो सकता है

  • गोंदिया तक जाने के बाद नागपुर, रायपुर और हैदराबाद के लिए ट्रेनों के विकल्प बढेंगे।
  • लॉकडाउन के समय से बंद क गई नैनपुर-जबलपुर पैसेंजर ट्रेन को बालाघाट तक विस्तार दिया जा सकता है।
  • यशंवतपुर और दानापुर -सिकंदराबाद एक्सप्रेस को गोंदिया होकर चलाने की तैयारी है।
  • नागपुर और रायपुर की दूरी नए रास्ते से कम होगी। इंटरसिटी जैसी ट्रेन संचालित की जा सकती है।
  • पुरी, हावड़ा, इंदौर, हैदराबाद, यूपी और बिहार के लिए नई ट्रेनें इस रूट से मिलेंगी।
  • जबलपुर से नैनपुर-गोंदिया तक मेमू ट्रेन आठ डिब्बे का चलाया जा सकता है।
  • मंडला-नैनपुर-जबलपुर के बीच एक ट्रेन संचालित की जा सकती है।
  • जबलपुर-लखनऊ के बीच संचालित चित्रकूट एक्सप्रेस को नैनपुर या मंडला तक विस्तार दिया जा सकता है।

इस ट्रेन की ये है टाइमिंग
रविवार सुबह 5.30 बजे गया से रवाना होकर जबलपुर शाम 4.00 बजे पहुंचेगी। पांच मिनट का स्टापेज लेकर ट्रेन रवाना होगी। नैनपुर में शाम 7.21 बजे, बालाघाट में रात 8.34 बजे, गोंदिया में रात 9.30 बजे,बल्लारशाह ट्रेन रात 2.05 बजे और अगले दिन सोमवार शाम 4.10 बजे चेन्नई सेंट्रेल पहुंचेगी।

वापसी में चेन्नई से 9.10 बजे सुबह मंगलवार को रवाना होगी। रात 11.15 बल्लारशाह, 3 बजे गोंदया, 3.43 बजे बालाघाट, 4.53 बजे नैनपुर और बुधवार सुबह 8.30 बजे जबलपुर पहुंचेगी। रात 10.50 बजे यह ट्रेन गया पहुंचाएगी।

ये रेल नेटवर्क तैयार होते ही जबलपुर का और बढ़ जाएगा महत्व

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आगे ये भी होगा

सतपुड़ा की इस पहाड़ी क्षेत्र में रेल ट्रैक का एक मजबूत नेटवर्क है। जबलपुर से नागपुर जाने के लिए कई विकल्प मिलेंगे। जबलपुर से नैनपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा होकर भी नागपुर का एक ट्रैक पर काम चल रहा है। इसके अलावा जबलपुर से नैनपुर, बालाघाट, कटंगी, तुमसर से भी नागपुर को जोड़ने की तैयारी है। जबलपुर-गोंदिया से तुमसर होकर नागपुर जा सकते हैं। वहीं गोंदिया से नागभीर होकर भी नागपुर जाया जा सकता है।



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