समय पर सूचना नहीं देना पड़ा महंगा: राज्य सूचना आयोग भोपाल ने तीन तत्कालीन तहसीलदारों पर किया 1.33 लाख का जुर्माना

समय पर सूचना नहीं देना पड़ा महंगा: राज्य सूचना आयोग भोपाल ने तीन तत्कालीन तहसीलदारों पर किया 1.33 लाख का जुर्माना


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ग्वालियर35 मिनट पहले

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फरियादी लखपत सिंह, इनकी अपील पर सूचना आयोग ने फैसला दिया

  • फरियादी लखपत सिंह की शिकायत पर सुनवाई कर दिया फैसला

घाटीगांव की एक जमीन में कानूनी वारिस की जानकारी के बिना फाइल में गैर कानूनी वारिसों की मिली भगत से जमीन का नामांतरण मामले में समय पर जानकारी नहीं देना तीन तहसीलदारों को भारी पड़ गया। फरियादी ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। नहीं मिलने पर पीड़ित ने मामले की अपील राज्य सूचना आयोग में की। वहां सुनवाई के बाद राज्य सूचना आयोग ने तीनों तहसीलदारों पर 1.33 लाख रुपए का जुर्माना किया है। अब यह जुर्माना राशि वसूलने के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टर को निर्देश जारी किए हैं।

ग्वालियर के घाटीगांव में सिमरिया टांका पार गांव निवासी लखपत सिंह किरार ने बताया कि वर्ष 2018 में उनकी जानकारी के बिना ही उनके परिवार की जमीन का फौती नामांतरण गैर कानूनी वारिसों को कर दिया गया। जब उन्होंने इस संबंध में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी तो उनका आवेदन ही नहीं लिया गया। इस पर लखपत सिंह किरार ने 12 अक्टूबर 2018 को दो अलग-अलग आवेदन डाक के जरिए तहसील घाटीगांव में लगाए। पर समय सीमा निकलने के बाद भी उन्हें जानकारी नहीं दी गई। इसलिए पहली अपील 12 नवंबर 2018 को अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय घाटीगांव के यहां की, लेकिन यहां भी समय सीमा में कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद लखपत ने राज्य सूचना आयोग भोपाल में अपील की। उन्होंने अपील पर सुनवाई करते हुए शनिवार को निर्णय लिया गया है कि लखपत सिंह को समय सीमा में जानकारी नहीं देने पर तत्कालीन तहसीलदार दीपक कुमार, नवनीत शर्मा, सीताराम वर्मा की लापरवाही मानते हुए उनके खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई की है। दीपक कुमार पर दोनों प्रकरण में 50 हजार रुपए, नवनीत शर्मा पर दोनों प्रकरण में 33 हजार व सीताराम वर्मा पर भी 50 हजार रुपए जुर्माना किया गया है। यह जुर्माना वसूल करने भिंड और ग्वालियर कलेक्टर को पत्र जारी किया गया है।



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