सिंगाजी ताप परियोजना: पीड़ित मजदूरों ने मेन गेट पर किया प्रदर्शन; दूसरे मजदूरों को अंदर जाने से रोका, हरे रामा-हरे कृष्णा का कीर्तन भी किया

सिंगाजी ताप परियोजना: पीड़ित मजदूरों ने मेन गेट पर किया प्रदर्शन; दूसरे मजदूरों को अंदर जाने से रोका, हरे रामा-हरे कृष्णा का कीर्तन भी किया


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बीड़2 घंटे पहले

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परियोजना के मेन गेट पर प्रदर्शन करते मजदूर।

  • 50 प्रतिशत मजदूरों को काम से हटा दिया, शेष को 15 दिन का वेतन देने के निर्देश दिए
  • 3-4 नंबर यूनिट बंद रहने से ठेकेदारों व मजदूरों पर काम का संकट

संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में फेस-2 की दोनों यूनिट 4 माह से अधिक समय से बंद है। इससे सरकार को तो नुकसान हो रहा है, इसका सीधा असर ठेकेदारों व मजदूरों पर भी पड़ रहा है। एमपीपीजीसीएल ने ठेकेदारों को 50 फीसदी मजदूर कम करने और शेष 50 फीसदी को भी माह में 15 दिन का ही वेतन देने के निर्देश दिए हैं।

इस आदेश से हजारों मजदूरों पर संकट आ गया है। त्रस्त मजदूरों ने सोमवार को परियोजना के मेन गेट पर प्रदर्शन किया। किसी मजदूर को अंदर नहीं जाने दिया तब जाकर अफसर जागे। एसडीओपी व एसडीएम की समझाइश पर प्रभारी ईडी ने सिर्फ ज्ञापन लेकर अफसरों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। परियोजना में फेस-2 की 660-660 मेगावाट की 3 व 4 नंबर यूनिट पीजी टेस्ट के दौरान टरबाइन में फाल्ट आने से बंद हो गई थी। इसे चार माह से अधिक समय हो चुका है। मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी न तो इन यूनिटों को चालू कर पा रही है और ना ही इतनी बड़ी घटना की जांच कर पाई है। अफसरों व कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है। उनके भरण-पोषण पर संकट खड़ा हो गया है।

दो माह से परियोजना में काम करने वाले ठेकेदारों ने आधे मजदूरों को काम से हटा दिया है और आधे मजदूरों काे आधे माह का ही वेतन दिया जा रहा है। मजदूरों ने एक माह पहले भी ईडी को ज्ञापन देकर समस्या बताई थी लेकिन निराकरण नहीं हुआ। भूखे मरने की नौबत आई तब प्रभावित मजदूरों ने सोमवार को मेट गेट पर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही एसडीओपी राकेश पेंड्रा व एसडीएम सीएस सोलंकी पुलिस के साथ परियोजना पहुंचे। परियोजना के प्रमुख सुरक्षा अधिकारी के कार्यालय में प्रमुख अफसरों को बुलाया गया।

समझाइश के बाद प्रभारी ईडी पुलिस की मौजूदगी में मजदूरों से मिलने पहुंचे। उन्होंने मजदूरों से कहा- ईडी अवकाश पर है। मेरे पास तो प्रभार है। आप ज्ञापन दे दें, मैं उसे एमडी तक पहुंचाकर आपकी समस्या निराकरण का आग्रह करूंगा।

4 किमी दूर थे सांसद और विधायक, मजदूरों की सुध लेने नहीं पहुंचे
सोमवार को सांसद नंदकुमार सिंह चौहान व विधायक नारायण पटेल परियोजना से 4 किमी दूर संत बुखारदास बाबा मंदिर के पास भाजपा की बैठक में उपस्थित थे। उन्हें मजदूरों के प्रदर्शन की जानकारी भी थी, लेकिन उन्होंने उनकी सुध लेना उचित नहीं समझा। मजदूरों ने कहा हमने देर तक सांसद का इंतजार किया, लेकिन वे नहीं आए।

मजदूर नेता भी पहुंचे, बात नहीं मानी तो उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी
मजदूरों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही भारतीय मजदूर संघ जिलाध्यक्ष भावेश बिल्लौरे, मजदूर यूनियन के बंसीशाला देसला, जगदीश राठौर व कांग्रेस नेता उत्तम पाल सिंह भी मेन गेट पहुंचे। उन्होंने मजदूरों का समर्थन किया। सभी ने कहा मजदूरों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। प्रबंधन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन से हमारी बात नहीं मानी तो उग्र प्रदर्शन से भी पीछे नहीं हटेंगे।

सभी गेट पर मजदूरों को रोका
सुबह 6 बजे ही प्रभावित मजदूरों ने मेन गेट सहित रेलवे गेट, साइलो गेट सहित अन्य स्थानों पर परियोजना में प्रवेश करने वाले मजदूरों को रोक दिया था। उनका कहना था जब तक हमारी मांग नहीं मानी जाती तब तक फेस-1 के मजदूरों को भी रोककर 1200 मेगावाट बिजली उत्पादन भी नहीं होने देंगे। दोपहर 1 बजे परियोजना व प्रशासनिक अफसरों की समझाइश पर धरना समाप्त किया गया। इससे पहले मजदूरों ने मेन गेट पर अफसरों की सद्बुद्धि के लिए हरे रामा-हरे कृष्णा का कीर्तन भी किया।

शासन के नियम का पालन कर रहे हैं
प्रभारी ईडी आरपी पांडे ने एसडीएम को बताया कि शासन का ही नियम है कि जब परियोजना में बिजली उत्पादन बंद रहे तो ठेकेदारों को मजदूरों को भी आधा ही वेतन दिया जाए। इसी का पालन किया जा रहा है।



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