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शाजापुरएक घंटा पहले
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- पुलिस थाना बनाने के लिए स्थान ढूंढने के लिए तैयारी शुरू
बिजली चोरी रोकने के लिए मीटर चेकिंग के दौरान होने वाली मारपीट से कर्मचारियों को बचाने के लिए अब विभाग द्वारा अपनी ही पुलिस टीम और थाना बनाने की तैयारी की जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत जिले में पुलिस होगी जो जिले की वसूली के साथ बिजली चोरी रोकेगी।
शहर के 17000 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से चार से पांच प्रकरण प्रतिदिन बनते हैं और सालभर के 60 से ज्यादा होते हैं। इनसे 200 से 2000 मिनट तक बिजली चोरी होती है। हर माह लाखों का और सालभर में करोड़ों का नुकसान बिजली कंपनी को होता है। फिलहाल बिजली कर्मचारियों द्वारा बिजली चोरी रोकने की पूरी कोशिश की जाती है, परंतु ग्रामीण इलाकों में जब रोकने के लिए जाते हैं पीटकर आते हैं। जिले सहित प्रदेश में भी यही हाल हैं। ऐसे में कंपनी द्वारा खुद की पुलिस बनाने का निर्णय चार दिन पहले भोपाल में ले लिया गया।
प्रकरण भी बनेंगे सजा भी होगी
कंपनी के जेई बलराम तिवारी ने बताया कि थाना बनाने के लिए कंपनी द्वारा ही जगह चिह्नित की जा रही है। थाने में पदस्थ पुलिस टीम प्रकरण बनाएगी और जुर्माने के साथ वसूली भी करेगी। पुलिस बनने के बाद सरकार और विभाग को सबसे ज्यादा फायदा वसूली में ही होने वाला है। बिजली चोरी रोकने के बाद बिजली कंपनी को भी 25 प्रतिशत तक फायदा हर जिले से होगा।
एवरेज बिल शहर में अब नहीं
जेई तिवारी ने बताया उपभोक्ता को सरकार के आदेश अनुसार एवरेज बिल नहीं मिलेंगे, बल्कि खपत के अनुसार ही बिल दिए जाएंगे। एवरेज बिल एक ही कंडीशन में दिए जा सकते हैं। जब उपभोक्ता का मीटर बंद हो। उसके लिए भी इसकी सूचना उन्हें मीटर बंद होने पर तुरंत बिजली विभाग में देनी होगी। इससे उन्हें आकलित खपत का बिल आएगा।