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- The Delhi based Company Had Looted 61 Thousand Thugs From The Transport Trader, Shop For Rent And Sell Products
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जबलपुर5 मिनट पहले
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प्रतीकात्मक
- गोहलपुर थाने में पीड़ित ने दर्ज कराया मामला, दो साल पहले ही बंद हो चुकी है कंपनी
दो साल पहले बंद हो चुके एफएमसीजी कंपनी के डायरेक्टर ने शहर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी से 61 हजार रुपए ठग लिए। कंपनी ने व्यापारी से दुकान व गोदाम उपलब्ध कराने पर कंपनी के प्रोडक्ट बेच कर लाभ कमाने का झांसा दिया था। जमानत के तौर पर उक्त रुपए जमा करवाए थे। व्यापारी को कंपनी के बंद होने की खबर लगी ताे उसने पैसे मांगे। आरोपियों ने बाउंस वाले चेक दे दिए। पीड़ित की शिकायत पर गोहलपुर पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज कर लिया है।
एक साल पहले आए थे शहर में
जानकारी के अनुसार पंजाब बैंक कॉलोनी चेरीताल निवासी महेंद्र सिंह ठाकुर ट्रांसपोर्ट का व्यापार करते हैं। उनकी कुचैनी ट्रस्ट परिसर दमोह नाका में ट्रांसपोर्ट की दुकान है। 16 अप्रैल 2019 को ग्रेटर नोएडा स्थित मेसर्स संतोष एग्रो मार्केटिंग कंपनी के डायरेक्टर कुलभूषण कौशिक व रश्मि चौधरी उसके पास आईं। दोनों ने बताया कि उसकी कंपनी एफएमसीजी के सभी प्रोडक्ट बना कर बेचती है। इसके प्रोडक्ट रखने के लिए गोदाम व बेचने के लिए दुकान की जरूरत है। दोनों ने झांसा दिया कि चाहे तो वह खुद इसका व्यवसाय कर लाभ कमा सकता है। दुकान व गोदाम का किराया कंपनी देगी।
झांसे में फंस गया व्यापारी
महेंद्र सिंह ठाकुर के मुताबिक वह दोनों के झांसे में फंस गए। उनके बताए अनुसार जमानत के तौर पर 61 हजार रुपए उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए। उक्त खाता रश्मि चौधरी के नाम पर है। पैसे जमा करने के बाद भी कंपनी की ओर से कोई प्रोडक्ट नहीं भेजा गया। उसने परिचितों को बताए गए कंपनी के नोएडा कार्यालय के पते पर भेजा। वहां पता चला कि उक्त कंपनी दो वर्ष पूर्व ही बंद हो गई है। वर्तमान में इस नाम से कोई कंपनी व्यापार नहीं कर रही है।
बाउंस वाले खाते का दिया चेक
महेंद्र ने कंपनी के डायरेक्टर कुलभूषण कौशिक व रश्मि चौधरी से अपनी जमानत राशि मांगी। उनके द्वारा ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स के तीन चेक 16 जून, 2019, 19 जून 2019 और 13 जुलाई 2019 के दिए गए। तीनों चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए। उक्त खाते में पर्याप्त राशि ही नहीं थी। भुगतान नहीं होने पर कंपनी के डायरेक्टर से बात करने का प्रयास किया, लेकिन वे तैयार नहीं हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 420, 34 भादवि का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है।