सार्थक पहल: अर्थी बनाने के लिए नहीं मिलते थे बांस, दान दी स्टील की सीढ़ी

सार्थक पहल: अर्थी बनाने के लिए नहीं मिलते थे बांस, दान दी स्टील की सीढ़ी


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खंडवा3 दिन पहले

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  • सेवानिवृत्त वनरक्षक ने की पहल

गांव में लोग परिजन के निधन पर अंतिम संस्कार के लिए सीढ़ी बनाने बांस के लिए परेशान होते थे। इसका स्थायी समाधान सेवानिवृत्त वनरक्षक ने कर दिया। उन्होंने अपने खर्च पर स्टील की सीढ़ी बनवाकर पंचायत को दान कर दी। इस सीढ़ी का उपयोग भी शुरू हो गया है। यह सेवानिवृत्त वनरक्षक रघुवीर सिंह चौहान (84) हैं। चौहान ने बताया 1967 में आशापुर अग्नि नदी के पास एक पेड़ के नीचे माता की प्रतिमा रखी गई थी। उन्होंने शासकीय सेवा में रहते 1967 में पेड़ के नीचे पक्का ओटला बनवाया था। यह स्थान अब भव्य मंदिर का रूप ले चुका है। मूल रूप से उत्तरप्रदेश के निवासी रघुवीर सिंह ने बताया उन्होंने अपने पैतृक गांव इटावा में स्वयं की जमीन पर शिव मंदिर का निर्माण कराया है।



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