रतलाम9 मिनट पहले
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स्थापित मां नव दुर्गा की प्रतिमा।
- मंदिर के नाम की जमीन से आने वाली राशि व जन सहयोग के करवाया जा रहा है काम
300 साल पुराना नवदुर्गा मां का मंदिर आम्बा से 6 किमी दूर ग्राम नवाबगंज में है। इस चमत्कारी मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मंदिर के नाम की जमीन से आने वाली राशि व जन सहयोग के माध्यम से मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। नवदुर्गा मां मंदिर के नाम से कृषि भूमि है। इसे हर साल लीज पर देने से 22 लाख रुपए की आवक होती है। इस राशि के अलावा जनसहयोग से इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जीर्णोद्धार में लगभग 60 लाख रुपए की राशि खर्च होने का अनुमान है। निमार्ण कार्य महाराष्ट्र के ठेकेदार बाबूसाब पदम कर रहे हैं। मंदिर में हर साल नवरात्रि में मेले का आयोजन होता है। नवरात्रि में दूर-दूर से हजारों की संख्या में भक्त मां के दर्शन के लिए आते हैं।

मंदिर का जीर्णोद्धार चल रहा है।
मां नव दुर्गा मंदिर समिति के सहायक सचिव राधेश्याम बैरागी ने बताया मंदिर परिसर में स्थित कुईया भी। इसका पानी पीने से लकवे की बीमारी से ग्रसित मरीज स्वस्थ्य होकर घर पर जाते हैं। मंदिर परिसर में कल्पवृक्ष जैसा पेड़ भी है जिसकी परिक्रमा करने से कुष्ठ रोग से ग्रसित लोग ठीक होते हैं। यहां आने वाले सभी भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
मान्यता है कि 300 साल पहले कुछ साधु संत नवाबगंज में आए थे और यहां पड़ाव डाला था। उन्होंने नवदुर्गा मां की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना शुरू की थी। 20 दिन तक यहां रहने के बाद वे अगले पड़ाव के लिए रवाना होने लगे और मूर्तियां ले जाने लगे तो मूर्तियां यहां से नहीं हिलीं। काफी प्रयासों के बाद भी प्रतिमाएं नहीं हिलने पर सभी साधु संतों ने मां का चमत्कार मानते हुए उन्हें यही स्थापित का रहने का निर्णय लेते हुए अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए थे।
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