18 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के खिलाफ बाउंसर गेंदों पर लगेगा बैन?

18 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के खिलाफ बाउंसर गेंदों पर लगेगा बैन?


बाउंसर पर बैन लगने वाला है? (फोटो-एपी)

इंग्लैंड में क्रिकेट अधिकारियों को विशेषज्ञ ने दी बाउंसर (Bouncer Ball ban) पर बैन लगाने की सलाह- कहा 18 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों पर ना हो इस्तेमाल


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 25, 2021, 6:22 PM IST

नई दिल्ली. कनकशन (सिर में चोट लगने से अचेत होने जैसी स्थिति) मामलों के एक विशेषज्ञ ने क्रिकेट अधिकारियों से 18 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के खिलाफ बाउंसरों के उपयोग को प्रतिबंध करने की मांग की है जिससे लंबे समय तक होने वाली जटिलताओं को सीमित किया जा सके. इस बीच क्रिकेट के नियमों के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने भी गेंदबाजों के शॉर्ट पिच गेंद करने की अनुमति पर चर्चा और परामर्श प्रक्रिया शुरू की है.

सिर की चोट से जुड़े अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थान के मीडिया निदेशक माइकल टर्नर ने ब्रिटिश अखबार ‘द टेलीग्राफ’ से कहा, ‘जब आप युवा से वयस्क हो रहे होते हैं तब आपके दिमाग का भी विकास हो रहा होता है और ऐसे में आप कनकशन से बचना चाहेंगे. आप किसी भी उम्र में कनकशन (Concussion) से बचना चाहेंगे, लेकिन यह युवाओं के लिए काफी खतरनाक हैं.’ उन्होंने कहा, ‘इस उम्र (किशोर) समूह के खिलाड़ियों को कनकशन से बचाने के लिए नियमों में बदलाव कर इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिये. इस मामले में अधिकारियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए.’

‘हेलमेट फ्रैक्चर से बचाता है, कनकशन से नहीं’
टर्नर ने कहा कि हेल्मेट सिर्फ फ्रैक्चर से बचाता है, कनकशन से नहीं . उन्होंने कहा, ‘ हेल्मेट को सिर के फ्रैक्चर को रोकने के लिए तैयार किया गया है, कनकशन रोकने के लिए नहीं . ऐसे में इससे निपटने का एक ही रास्ता है, अगर जरूर हो तो नियमों में बदलाव होना चाहिए.’ उन्होंने चेतावनी दी कि कम उम्र के क्रिकेटरों को सिर पर चोट लगने से लंबे समय तक जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा, ‘ युवाओं के दिमाग पर इसका अधिक गंभीर और दीर्घकालिक परिणाम होने की संभावना है क्योंकि आपके दिमाग का भी विकास हो रहा होता है.IPL के पूर्व ऑक्शनर ने खोला राज, बताया क्यों धोनी को नहीं खरीद पाई RCB

टर्नर ने सुझाव दिया कि सीनियर क्रिकेटरों के साथ टूर्नामेंट में भाग लेने वाले 18 साल से कम के खिलाड़ियों के माता-पिता को इसके बारे में पता होना चाहिये और इसके लिए उनकी सहमति ली जानी चाहिये. बता दें ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फिल ह्यूज की सिर पर गेंद लगने के बाद मौत हो गई थी. सीन एबॉट की एक गेंद उनके सिर के पिछले हिस्से में लगी और वो मैदान पर ही अपनी जान गंवा बैठे. उस मामले के बाद अब जब भी किसी बल्लेबाज के सिर पर गेंद लगती है तो खेल रोककर उसका कनकशन टेस्ट किया जाता है. 2019 में एशेज सीरीज के दौरान स्टीव स्मिथ भी कनकशन का शिकार हुए थे और उनकी जगह मार्नस लाबुशेन बल्लेबाजी के लिए उतरे थे. (भाषा के इनपुट के साथ)








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