चेन्नई: इंग्लैंड (India vs England) के खिलाफ चेन्नई में खेले जा रहे पहले टेस्ट में हर कोई हैरान रह गया, क्योंकि चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की जगह अचानक ही रांची के गेंदबाज शाहबाज नदीम को एंट्री मिल गई. शाहबाज नदीम का ये दूसरा टेस्ट मैच है. नदीम ने इससे पहले साल 2019 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ रांची में टेस्ट मैच खेला था, जिसमें उन्होंने 4 विकेट झटके थे.
कुलदीप यादव (Kuldeep yadav) की बात करें तो उन्होंने भारत के लिए अब तक 6 टेस्ट मैचों में 24 विकेट लिये हैं. कुलदीप यादव ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम इंडिया के साथ मौजूद थे, लेकिन वह पूरी सीरीज में बाहर ही बैठे रहे. कुलदीप यादव (Kuldeep yadav) ने अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेला था. उस मैच में कुलदीप यादव (Kuldeep yadav) ने पारी में 5 विकेट लिये थे.
क्यों कुलदीप से बेहतर स्पिनर हैं शाहबाज नदीम?
शाहबाज नदीम ने अभी तक के अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में पांच बार 10 विकेट और 19 बार पांच विकेट हासिल किया है. यही वजह है कि शुक्रवार को अचानक शाहबाज नदीम को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन में शामिल कर लिया गया. 31 साल के नदीम ने अब तक 117 फर्स्ट क्लास मैचों में 28.66 की औसत से 443 विकेट चटकाए हैं. उन्होंने 109 लिस्ट ए मैचों में 151 विकेट, जबकि 134 टी-20 मैचों में 110 विकेट हासिल किए, जिसमें आईपीएल के 47 विकेट भी शामिल हैं.
रणजी ट्रॉफी में किया था बड़ा कमाल
नदीम ने दो बार रणजी सीजन में 50 से अधिक विकेट लेने का कमाल किया है. रणजी ट्रॉफी के इतिहास में ऐसा करने वाले वह महज दूसरे खिलाड़ी हैं. उन्होंने झारखंड की ओर से खेलते हुए 2015-16 रणजी सीजन में 51 विकेट चटकाए थे. इसके बाद अगले रणजी सीजन- 2016-17 में उन्होंने 56 विकेट निकाले थे. उनसे पहले हैदराबाद के स्पिनर कंवलजीत सिंह ने 1998-99 रणजी सत्र में 51 और 1999-2000 में 62 विकेट झटके थे. शाहबाज नदीम 10 रन पर 8 विकेट चटकाकर सुर्खियां भी बटोर चुके हैं. झारखंड के इस स्पिनर ने विजय हजारे ट्रॉफी में राजस्थान के खिलाफ खेलते हुए 10 रन पर 8 विकेट लिए थे और लिस्ट-ए क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का दो दशक पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था.
नदीम के पिता चाहते थे सिर्फ एक बेटा क्रिकेट खेले
शाहबाज नदीम के पिता जावेद महमूद 5 साल पहले DSP के पद से रिटायर्ड हुए थे. नदीम के पिता जावेद महमूद ने पुलिस विभाग में नौकरी करते हुए भी अपनी सादगी और ईमानदारी की छाप छोड़ी है. एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में नदीम के पिता ने बताया था कि नदीम धनबाद के संत जेवियर्स स्कूल में अपनी कक्षा में टॉप करता था. नदीम के पिता ने बताया कि पढ़ाई में तेज रहने के बावजूद उन्होंने नदीम को क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया. शाहबाज नदीम के पिता 19 साल पहले जब धनबाद में तैनात एक पुलिस अधिकारी थे तो उन्होंने अपने दोनों बेटों से कहा था कि उनमें से केवल एक ही खेल सकता है. पिता नहीं चाहते थे कि दोनों किसी ऐसी चीज का पीछा करते हुए अपने जीवन को खतरे में डाल दें, जो सुरक्षित भविष्य की गारंटी नहीं दे.
नदीम स्पिन गेंदबाजी से दोनों ओर गेंद को मूव कराने में सफल होते हैं
शाहबाज के पिता ने बताया था कि उसके बड़े भाई असद बिहार के अंडर 15 टीम के कप्तान थे इसके बावजूद उसने शाहबाज को खेलने देने के लिए मुझे मनाया और खुद इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और आज दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत हैं. 11 साल की उम्र में क्रिकेट खेलने की शुरूआत करने वाले नदीम ने महज दो साल की कड़ी मेहनत के बाद 13 साल की उम्र में अंडर 14 की टीम में अपनी जगह बनाई थी. इसके बाद वो अंडर 17, अंडर 19 और रणजी टीम में भी लगातार अच्छा खेल दिखाते रहे. नदीम बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी से दोनों ओर गेंद को मूव कराने में सफल होते हैं.