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- The Husband Sold, The Daughters Bought From Him, Then He Sold The Third, The House Was Set By The Fourth Brother
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ग्वालियर4 घंटे पहले
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बिना तलाक लिए लिव-इन रिलेशनशिप काे काेर्ट ने नहीं किया है परिभाषित
- 24 वर्षीय महिला की दर्दभरी कहानी, हाई कोर्ट में लगाई सुरक्षा की गुहार
ये कहानी एक महिला की पीड़ा बताती है। पति को छोड़कर 48 वर्षीय प्रेमी के साथ लिव-इन में रह रही सबलगढ़ निवासी 24 वर्षीय युवती ने हाई कोर्ट में सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका दायर की है। युवती ने पहले पति महेश सिंह मीणा और फिर उसे खरीदने वाले आकाश मीणा और चिंटू जाट (तीनों परिवर्तित नाम) से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। सुनवाई के दौरान युवती की ओर से मुरैना पुलिस पर भी गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने के आरोप लगाए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने मामला आदेश के लिए सुरक्षित रख लिया है।
दरअसल, सबलगढ़ निवासी युवती की कुछ वर्ष पूर्व परिजन ने महेश सिंह मीणा से शादी की थी, लेकिन कुछ दिन बाद महेश ने उसे आकाश को बेच दिया। आकाश के साथ वह चार साल तक रही और इस दौरान उसने दाे बेटियाें प्रिया और प्रीति को जन्म दिया। बच्चियों के जन्म के बाद आकाश ने उसे करौली निवासी चिंटू को बेच दिया। इससे परेशान हाेकर युवती ने चिंटू का घर छोड़ दिया और अपने मायके सबलगढ़ लौट आई। यहां भाई किशोर और नीरज को उसने आपबीती बताई। दाेनाें ने उसे दाेगुनी उम्र के रमेश रावत के साथ रहने के लिए कहा। तब से वह उसी के साथ रह रही है और अब दोनों की एक बेटी भी है। यह जानकारी मिलने के बाद उसका पहला पति व उसे खरीदने वाले अब दोनों को धमका रहे हैं।
बिना तलाक लिए लिव-इन रिलेशनशिप काे काेर्ट ने नहीं किया है परिभाषित
सुनवाई के दौरान मामले में शासन की ओर से पैरवी करते हुए सरकारी वकील वरुण कौशिक ने बताया कि चूंकि याचिकाकर्ता शादीशुदा है। अभी तक बिना तलाक लिए किसी व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप के मामले को हाई कोर्ट ने परिभाषित नहीं किया है। इसलिए ऐसे मामले में सुरक्षा मिलना चाहिए या नहीं, यह विचारणीय प्रश्न है? दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने मामला आदेश के लिए सुरक्षित रख लिया है।