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सागर19 मिनट पहले
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डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय
- मानव विज्ञान के डीन प्रोफेसर केकेएन शर्मा ने कुलपति को लिखा पत्र
- शिकायत कर कहा कार्रवाई नहीं हुई कार्यकारिणी में ले जाएंगे मामला
डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय में नियमों को दरकिनार कर काम करने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। ऐसा ही मामला विवि के एंथ्रोपोलॉजी (मानव विज्ञान) विभाग में सामने आया है। विभाग के डीन प्रोफेसर केकेएन शर्मा ने एक्ट व ऑर्डिनेंस के उल्लंघन की शिकायत विवि की प्रभारी कुलपति जनक दुलारी आही को पत्र लिखकर की है। इसमें एंथ्रोपोलॉजी के ही विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजेश गौतम पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पत्र में कहा गया है कि उन्होंने वरिष्ठता को दरकिनार करते हुए प्रोफेसर के स्थान पर असिस्टेंट प्रोफेसर को चार्ज दिया, जो विवि के नियमों के उल्लंघन के दायरे में आता है।
एंथ्रोपोलॉजी के डीन प्रोफेसर केकेएन शर्मा ने कुलपति को भेजे पत्र में कहा है कि एक फरवरी को मानव विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजेश गौतम के अवकाश पर जाने के दौरान उन्हें विभागाध्यक्ष का चार्ज वरिष्ठता के आधार पर किसी प्रोफेसर को दिए जाने के निर्देश दिए थे। आगे उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रोफेसर को अपमानित कर दुर्भावानावश विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर को चार्ज दिया गया, जो कि विवि के प्रावधान का उल्लंघन व आपत्तिजनक है। इस पर यदि कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो यह उन्हें प्रोत्साहित करना होगा।
डीन प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि उनके पत्र पर संज्ञान न लेना यह दर्शाता है कि विवि में एक्ट व ऑर्डिनेंस के तहत कामकाज नहीं चल रहा है। यदि यह सिलसिला जारी रहा तो मुझे डीन के नाते विश्वविद्यालय कार्यकारिणी (ईसी) की जानकारी में यह तथ्य लाना पड़ेगा, जो मेरा नैतिक दायित्व है। डॉ. राजेश गौतम का कहना है कि जो नेक्स्ट सीनियर होता है, उसे चार्ज दिया जाता है। ऊपर वाले अधिकारी को चार्ज नहीं दिया जाता। डीन प्रो. केकेएन शर्मा को हर चीज में दिक्कत होती है। किसी एक्ट का उल्लंघन नहीं किया गया है।
विवि में प्रशासनिक व एकेडमिक अधिकारियों की मनमानी के इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं। कुछ दिन पहले ही डिप्टी रजिस्ट्रार और प्रभारी रजिस्ट्रार को ड्यूटी के साथ मिली पीएचडी करने की अनुमति का मामला भी काफी चर्चाओं का विषय रहा था।