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- People Took A Dip Of Faith In Ujjain’s Shipra River On Mauni Amavasya Of Magh Month, Donated Bath And Donated It To The Ancestors
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उज्जैन13 मिनट पहले
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शिप्रा के रामघाट पर स्नान दान करने जुटे लोग
- उज्जैन में सभी तीर्थों का समावेश, इसलिए यहां स्नान दान करने से सभी तीर्थों का पुण्य मिलता है
माघ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। उज्जैन में भी मोक्षदायिनी शिप्रा के तटों पर सुबह से लोग जुटने लगे थे। स्नान, दान, जप, तप और मौन व्रत रखकर लोगों ने अपने पितरों के लिए तर्पण किया। महाकाल दर्शन करने आए अन्य प्रांतों के लोगों ने भी शिप्रा नदी के रामघाट पर डुबकी लगाई और मोक्ष प्राप्ति के लिए पूजन-अर्चन किया।
पं. राकेश जोशी ने बताया कि आज के दिन मौन रखकर व्रत, तप, दान इत्यादि करना चाहिए। किसी भी मंत्र के लिए आज का दिन सिद्धिकारक है। आज के दिन प्रयागराज में स्नान करने का बहुत महत्व है। माघ महीने में कल्पवास करना चाहिए। उज्जैन में सभी तीर्थों का समावेश है, इसलिए यहां कई तीर्थों का स्मरण करके अगर स्नान, दान, तपस्या किया जाता है तो उस तीर्थ का संपूर्ण फल यहां प्राप्त होता है।
आज महोदय योग
11 फरवरी 2021 को रात 12 बजकर 37 मिनट पर अमावस्या तिथि समाप्त होगी। इस बार मौनी अमावस्या पर महोदय योग बन रहा है। इस योग में स्नान और दान का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है।