स्टेडियम में तैयार की गई पांच पिच में से पहला टेस्ट दूसरे नंबर की पिच पर हुआ था. लेकिन अब दूसरा मैच पांचवें नंबर की पिच पर होने की संभावना है. क्रिकइन्फो के अनुसार, इस पिच के बेस में लाल मिट्टी है, लेकिन ऊपर सतह काली मिट्टी की है. इस पिच पर पहले मैच के मुकाबले स्पिनरों के मुकाबले ज्यादा मदद मिल सकती है. इसका कारण है कि पिच से स्पिनरों को जल्दी मदद मिलेगी और गेंद ज्यादा टर्न लेगी. यह समझा जाता है कि यदि ड्राइ कंडीशन हों तो ऊपरी परत, जो मुख्य रूप से काली मिट्टी से बनी है, तेजी से टूटने लगेगी.
चेन्नई की लाल मिट्टी मुंबई से अलग
चेन्नई की लाल मिट्टी मुंबई की लाल मिट्टी से अलग होती है. मुंबई में पिच की सतह करीब करीब पूरे मैच में सही रहती है, लेकिन चेन्नई में, यह आमतौर पर जल्दी खराब हो जाती है. पहले टेस्ट से पहले दावा किया गया था कि पिच इस तरह की होगी कि सभी के लिए मददगार हो, लेकिन पिच ने जिस तरह का व्यवहार किया, उसके बाद ये सभी खासकर भारतीय खिलाडियों के निशाने पर आ गई. नई गेंद ने अपनी चमक जल्दी खो दी और लेदर भी जल्दी नरम हो गया. नतीजा ये रहा कि टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और इशांत शर्मा को मनमुताबिक कामयाबी नहीं मिली. ईशांत शर्मा ने पिच के लिए यहां तक कह दिया कि ये पिच सड़क जैसी है.
कम उछाल देखने को मिल सकता है
दूसरे टेस्ट में एक और महत्वपूर्ण अंतर जो देखने को मिल सकता है वह ये है कि सूखी पिच के कारण कम उछाल देखने को मिले. हालांकि यह देखा जाना बाकी है कि शनिवार की सुबह पिच पर घास कितनी बची है. पिच में टर्न को देखते हुए पूरी संभावना है कि टीम इंडिया अपने प्लेइंग इलेवन में फेरबदल करेगी. अश्विन की मदद के लिए दूसरे स्पिनरों को टीम में शामिल किया जा सकता है. अक्षर पटेल अपना टेस्ट डेब्यु कर सकते हैं. हालांकि अभी भी वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव में से किसे मौका मिलेगा, ये तय नहीं है.