दरअसल, बैतूल के 97 किसान संकट में आ गए हैं. इंदौर की एक प्राइवेट फर्म उनसे पैसे लेकर गायब हो गई है. इस मामले की पुष्टि कृषि विभाग तो कर रहा है, लेकिन मंत्री कमल पटेल इसकी जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने कहा है कि अगर ये मामला सही है तो कंपनी की संपत्ति कुर्क करके भी किसानों का भुगतान कराया जाएगा. कृषि विभाग के निर्देशक के.पी. भगत ने भी इस मामले में कार्रवाई का भरोसा दिलाया.
इस तरह हुई धोखाधड़ी, कहीं नहीं हुई सुनवाई
किसानों ने बताया कि उन्होंने बागवानी विभाग की सिफारिश पर एक कंपनी के साथ कॉन्ट्रेक्ट किया. 2018 हुए इस कॉन्ट्रेक्ट के मुताबिक किसानों को पौधरोपण करना था. पौधरोपण के वक्त किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार का भुगतान किया जाना था. किसानों ने दो एकड़ जमीन के 40 हजार रुपए जमा करवाए. कंपनी ने शुरुआत में पौधे, उपज और तकनीकी जानकारी को लेकर आश्वासन दिया. लेकिन, किसानों को पौधे नहीं मिले तो उन्होंने 17 दिसंबर 2019 को पहली बार जिला कलेक्टर को मामले की सूचना दी. इसके बाद उन्होंने कई शिकायतें की, लेकिन शिकायतों का कुछ नहीं हुआ.
सीएम शिवराज का दावा- 2 हजार हेक्टेयर जमीन माफिया से मुक्त कराई
गौरतलब है कि हाल ही में मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भूमाफिया पर कार्रवाई का दावा किया. उन्होंने बताया- प्रदेश में भू माफियाओं द्वारा कब्जा की गई 10 हजार करोड़ रुपए कीमत की लगभग 2,000 हेक्टेयर भूमि को प्रदेश सरकार द्वारा मुक्त कराया गया है. प्रदेश में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. जिन कंपनियों ने लोगों को ठगा ऐसी फर्मों को निवेशकों की जमा राशि लौटाने के लिए मजबूर किया गया.