Parents should arrange for children to read at scheduled time: Biarsi | अभिभावकाें बच्चाें काे निर्धारित समय पर पढ़ने बिठाएं: बीआरसी

Parents should arrange for children to read at scheduled time: Biarsi | अभिभावकाें बच्चाें काे निर्धारित समय पर पढ़ने बिठाएं: बीआरसी


खुरई3 मिनट पहले

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  • हमारा घर, हमारा विद्यालय अभियान में बीअारसी ने निरीक्षण किया

शुक्रवार काे हमारा घर हमारा विद्यालय अभियान के तहत बीआरसी राजेन्द्र सिंह प्रजापति, बीएसी खुशीराम अहिरवार ने बनहट गांव का निरीक्षण किया। छात्राें के साथ बैठकर पढ़ाई भी देखी, आवश्यक सुझाव दिए। कुछ बच्चे गांव में खेलते मिले। इन सभी बच्चाें के अभिभावकाें काे बुलाकर समझाइश दी गई कि घर में सुबह 10 बजे से 1 बजे तक बच्चाें काे पढ़ने के लिए बिठाएं। घर में जाे भी पढ़ा लिखा सदस्य हाे वह पढ़ाई कराए, आसपड़ाेस के लाेग भी इसमें सहयाेग कर सकते हैं। शिक्षकाें काे भी ऐसे बच्चाें का सहयाेग करने के निर्देश दिए गए। गांव में संपर्क के दाैरान एकीकृत माध्यमिक स्कूल बनहट के तीन शिक्षक गांव के बच्चाें काे पढ़ाते मिले। दाे शिक्षक रमा दुबे, कृष्णा कुशवाहा अनुपस्थित पाए गए। उन्हें शाेकाॅज नाेटिस जारी किया गया है। बीआरसी ने बताया कि स्कूल में नामांकन बढ़ाने तथा छात्राें के शैक्षणिक स्तर काे सुधारने के लिए शिक्षक स्कूलाें में जाकर काम कर रहे हैं। जाे अप्रवासी श्रमिकाें के 5 से 14 वर्ष के बच्चे हैं, उनकाें भी स्कूलाें में नामांकित किया जा रहा है। सभी अभिभावक अपने बच्चाें काे घर में निर्धारित समय सुबह 10 बजे से 1 बजे तक जरूर पढ़ने बिठाएं, चाहे वह प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे हाें या शासकीय स्कूल के बच्चे हाें। काेविड-19 संकट में सभी की यह प्रमुख जिम्मेदारी है। बच्चाें काे पुस्तकें, पेन, पेंसिल, पहाड़ा जैसी सामग्री भी उपलब्ध कराएं।

समावेश संस्था गांव में चलाए जा रहे बाल गतिविधि केंद्र, बच्चों की शिक्षा के लिए तीन ग्रामों में हुआ शुभारंभ

समावेश संस्था द्वारा रहली शिक्षा पहल के अंतर्गत ग्राम पड़ारी, पडक्वारी व आदिवासी टोला हरदी में सामुदायिक बाल गतिविधि केंद्र प्रारंभ किए गए। इन केंद्रों में घर पर ही बच्चों का सीखने- सिखाने का कार्य पालक एवं स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा किया जाएगा। केंद्रों पर खेल- खेल, कहानी, कविता ,गीत की पुस्तकों व खेल सामग्री के माध्यम से बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। केंद्रों के संचालन के लिए ग्रामीणों ने खुद के आवास उपलब्ध कराए हैं। शुभारंभ के अवसर पर केंद्रों पर वृक्षारोपण भी किया गया।

शुभारंभ कार्य को संबोधित करते हुए समावेश कार्यक्रम समन्वयक एनएस निरंकारी ने कहा कि रहली ब्लॉक में संस्था द्वारा 48 ग्रामों में 48 सामुदायिक बाल गतिविधि केंद्र खोले गए। जिनका मकसद गांव में पढ़ाई का माहौल तैयार करना है। जनशिक्षक घनश्याम दुबे ने कहा कि यह एक बहुत ही प्रेरणादायी पहल है जहां एक तरफ देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई है। लेकिन इस तरह की जिम्मेदारी जो समुदाय ने उठायी है यह बच्चो के भविष्य के लिए सुखद पहल है। कार्यक्रम को ब्लॉक एकेडमिक कॉर्डिनेटर एनएल सर ने भी संबोधित किया।

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