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- 16 Hunters Arrested From Four Districts Including Jabalpur, Four Leopards And 20 Kg Pangolin Scales Seized, Customers Were Tantrums
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जबलपुर30 मिनट पहले
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तेंदुआ व पेंगोलिन के 16 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया।
- स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई
- जबलपुर, कटनी के दो-दो, उमरिया के चार और डिंडौरी के आठ शिकारियों को पकड़ा
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF), वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने 16 शिकारियों को गिरफ्तार करते हुए चार तेंदुआ और 20 किलो पेंगोलिन के स्केल्स जब्त किए हैं। आरोपियों में जबलपुर, कटनी, उमरिया और डिंडोरी के शिकारी शामिल हैं। तेंदुआ का शिकार आरोपी बिजली के तार लगाकर करते थे। खाल और पेंगोलिन के स्केल्स तंत्र-मंत्र करने वालों को आरोपी बेचते थे।

जब्त चार तेंदुआ खाल में दो महीने से एक वर्ष पुराना।
राजनीतिक दल के युवा नेता का भी नाम आया
आरोपियों में डिंडौरी के अमरपुर क्षेत्र निवासी राजनीतिक दल के युवा नेता के भी शामिल होने की बात सामने आई है, लेकिन दबाव के चलते टीम कार्रवाई से बच रही है। अन्य आरोपियों में जबलपुर के दो, कटनी के दो, उमरिया के चार और डिंडोरी के 8 शिकारी शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया है, आरोपियों ने कटनी-उमरिया बायपास के पास से जब्त किए थे। वहीं, तेंदुआ की खाल मुदकाई डिंडोरी से जब्त किए गए। एक तेंदुआ की खाल एक साल पुरानी तो सबसे नया शिकार दो महीने पहले आरोपियों ने किया था।

आरोपियों के कब्जे से जब्त पेंगोलिन के स्केल्स।
आरोपियों के वाहन भी जब्त
टीम ने आरोपियों की 2 चार पहिया वाहन और 2 दो पहिया वाहन भी जब्त किए हैं। आरोपियों को विशेष टाइगर स्ट्राइक फोर्स न्यायालय जबलपुर में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। स्टेट टाइगर फोर्स के मुताबिक मामले में आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इसमें आरोपी को सात साल की सजा हो सकती है। संयुक्त टीम पिछले तीन दिन से इस धर पकड़ में जुटी थी।

आरोपियों के कब्जे से जब्त तेंदुआ खाल।
डिंडौरी के आस-पास के जंगलों में करते थे शिकार
संयुक्त टीम की पूछताछ में सामने आया है, आरोपी पिछले एक साल से इस तरह से वन्य जीव का शिकार कर रहे हैं। हालांकि वे पेशेवर सुअर का शिकार करने के लिए इस तरह का बिजली का फंदा लगाते हैं। इसमें इस तरह के वन्य जीव फंस जाते हैं। इसके बाद वे इसके खाल को बेच देते थे। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि अब तक वे कितने जानवरों का शिकार कर चुके हैं।