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ग्वालियर6 मिनट पहले
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- 19 फरवरी को डीएसपी को कोर्ट में होना है पेश
- 2018 में CID को दी थी मुक्त कराने की जिम्मेदारी
आठ साल से अपहरणकर्ताओं के चंगुल में यातनाएं झेल रही एक महिला को मुक्त नहीं करा पाने पर कोर्ट ने डीएसपी सीआईडी को कोर्ट में तलब किया है। 19 फरवरी को हाईकोर्ट में डीएसपी को प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ पेश होना है। इससे पहले महिला को मुक्त कराने में पुलिस, एसआईटी भी असफल हो चुकी हैं।
एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि शिवनगर मुरार निवासी एक युवक ने 16 दिसंबर 2013 को एक याचिका लगाई थी। जिसमें उसने बताया था कि उसके कोई बच्चा नहीं था। इसलिए उसकी पत्नी मन्नत मांगने के लिए अक्सर रतनगढ़ की माता पर जाया करती थी। 19 जुलाई 2013 को महिला जब मंदिर जा रही थी तो कुछ चरवाहों ने उसका अपहरण कर लिया। उसको जंगल में ले गए और तभी से उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस मामले में एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस ने कई स्तर पर जांच की है। आईजी ग्वालियर ने SIT (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) तक बना दी थी। पर वह महिला एसआईटी भी मुक्त नहीं करा सके।
पुलिस की असफलता पर सीआईडी को दी थी जिम्मेदारी
इस मामले में जब पुलिस कुछ नहीं कर पाई तो हाईकोर्ट ने इसे पुलिस की असफलता मानते हुए मामले की जांच 25 अक्टूबर 2018 को सीआईडी को दी। डीएसपी सीआईडी से हर माह मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया, लेकिन सीआईडी भी महिला को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त नहीं करा पाई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने सीआईडी की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए 19 फरवरी को सीआईडी डीएसपी को पूरी रिपोर्ट के साथ कोर्ट में तलब किया है।