असुविधाएं: अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं, ना ही ऑपरेशन के लिए हैं डॉक्टर; गंभीर स्थित में मरीजों को होशंगाबाद करना पड़ता है रेफर

असुविधाएं: अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं, ना ही ऑपरेशन के लिए हैं डॉक्टर; गंभीर स्थित में मरीजों को होशंगाबाद करना पड़ता है रेफर


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पिपरियाएक घंटा पहले

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पिपरिया। बच्चों के इलाज की सुविधा है, लेकिन डॉक्टर नहीं है।

नगर के 100 बिस्तर के सरकारी अस्पताल में इलाज के सभी संसाधन हैं,लेकिन डॉक्टरों की कमी होने से लोगों काे इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। गंभीर स्थिति होने पर मरीज को होशंगाबाद रेफर कर दिया जाता है। सरकार द्वारा अस्पताल में शिशु रोगों के इलाज के लिए सुविधाएं है।

लेकिन बच्चों के डाॅक्टर और शिशु विशेषज्ञ नहीं होने से गंभीर स्थिति में बच्चों को भी रेफर करना पड़ता है। वहीं दूसरी और प्रसव के मामले में जोखिम नजर आने पर उसे भी रेफर करना पड़ता है। क्योंकि ऑपरेशन कर प्रसव करवाने के लिए भी अस्पताल में डाॅक्टरों की टीम तक नहीं है। अस्पताल बीएमओ डॉ एके अग्रवाल ही बच्चों का इलाज करते हैं। वे भी गंभिर स्थिति में बच्चों को होशंगाबाद इलाज के लिए भेज देते हैं।

डाॅ. सुषमा वर्मा ने बताया नवजात बच्चों के इलाज के लिए विशेष वार्ड है, लेकिन बच्चों का इलाज करने के लिए डाॅक्टर नहीं है। यही कारण ही की एक महीने में औसतन पांच बच्चों को यहां से रेफर किया जाता हैं। इसी के साथ अस्पताल में ब्लड बैंक भी नहीं है। ब्लड स्टोरेज यूनिट है।

सर्जरी का इंतजाम नहीं हैं : डाॅ. अग्रवाल ने बताया अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव कराने के लिए सभी संसाधन है, लेकिन डाॅक्टरों की टीम नहीं होने से सर्जरी नहीं की जाती है। डाॅ वर्मा ने कहा नॉरमल प्रसव होते हैं, लेकिन जोखिम होने पर हम रिस्क नहीं लेते। माह में औसतन 10 प्रसूताओं को सर्जरी के लिए रेफर किया जाता है।

दूर-दूर से आते हैं लोग
शासकीय अस्पताल पिपरिया को इलाके का सबसे बड़ा अस्पताल माना जाता है। यहां होशंगाबाद, रायसेन, छिंदवाड़ा, नरसिंगपुर जिले से प्रसव के प्रकरण आते हैं। आंगनवादी विभाग के द्वारा लगातार प्रयास किए जाने के बाद भी कुपोषित बच्चें पैदा होते हैं, जिनके इलाज के लिए बेहतर व्यवस्थाए होना चाहिए।

आपने कहा कि- हमारे द्वारा समय-समय पर शासन को अस्पताल मे स्टाफ की कमी को लेकर जानकारी दी जाती हैं और नियुक्ति की माँग की जाती है।
ठाकुरदास नागवंशी, विधायक पिपरिया।



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