60 करोड़ के कचरा शुल्क वसूली का लक्ष्य: नगर निगम हर महीने सफाई में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रहा, दो लाख से अधिक लोगों ने जमा नहीं किए पैसे

60 करोड़ के कचरा शुल्क वसूली का लक्ष्य: नगर निगम हर महीने सफाई में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रहा, दो लाख से अधिक लोगों ने जमा नहीं किए पैसे


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इंदौर2 घंटे पहले

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कई प्रयासों के बावजूद नगर निगम सफाई शुल्क पूरी तरह से नहीं वसूल सका है। हालत यह है, तकरीबन 60 से 61 करोड़ का कचरा शुल्क वसूलने का लक्ष्य रखा था, लेकिन ये अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। देखा जाए, तो नगर निगम प्रतिमाह करीब 100 करोड़ रुपए से अधिक खर्च सफाई के नाम से कर रहा है, लेकिन वसूली में पिछड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार इंदौर सफाई के मामले में चौथी बार भले ही नंबर वन आया हो, लेकिन वसूली में पीछे ही रहा है। आज भी हालत यह है कि दो लाख से अधिक लोग कचरा शुल्क नगर निगम में जमा नहीं करवा रहे। नगर निगम के राजस्व विभाग के कर्मचारी से लेकर अधिकारी वसूली को लेकर तकादा बार-बार करते हैं। समय-समय पर उन्हें पत्र भी भेजा जा चुका है। आर्थिक संकट के बावजूद नगर निगम सख्ती नहीं कर रहा है। ऐसा इसलिए भी नहीं हो रहा है, क्योंकि ऊपर से ही निर्देश नहीं हैं।

आज भी स्थिति यह है कि करीब 1400 से अधिक ऐसी कॉलोनियां हैं, जहां अलग-अलग 5 रेड जोन में बंटी हैं। दरअसल, जब सफाई शुल्क लागू हुआ था, तो नगर निगम ने इन काॅलोनियों को लगभग 5 रेट जोन में बांटा था। प्रत्येक जोन में हजारों लोग शुल्क आज भी भुगतान नगर निगम को नहीं कर रहे हैं। इधर, नगर निगम टाटा मैजिक वाहनों से वसूली तो नहीं कर पा रहा है, लेकिन उन वाहनों से कचरा इकट्‌ठा करने का काम घर-घर पहुंच रहा है।

कर्मचारियों को वेतन देने से लेकर डीजल पर खर्च मशीनों का रखरखाव से लेकर तमाम बिंदुओं पर प्रतिमाह करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। करोड़ों रुपए के साफ-सफाई व कचरा इकट्‌ठा करने के संसाधन भी निगम ने खरीदे थे। खासकर कमर्शियल शुल्क जो कि होटलों से लेकर बड़े अस्पतालों से वसूला था, उसमें भी नगर निगम लगातार पिछड़ रहा है।



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