युवराज सिंह पर आरोप है कि उन्होंने पिछले वर्ष रोहित शर्मा से लाइव चैट में युजवेंद्र चहल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने गिरफ्तारी से बचने और केस खारिज कराने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab-Haryana High Court) में याचिका दायर की है. इस मामले पर 25 फरवरी को सुनवाई होगी.
यही नहीं, युवराज सिंह ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे में हांसी पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई पर भी रोक लगाने की मांग भी की है. कल 25 फरवरी को हाईकोर्ट के न्यायाधीश अनमोल रतन सिंह की अदालत में सुनवाई होगी. इस पर अधिवक्ता रजत कमीशन ने कहा कि वे भी इस मामले में अपना पक्ष रखेंगे और युवराज सिंह की याचिका को खारिज कराने के साथ उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुरजोर मांग करेंगे.
इसी साल 14 फरवरी को युवराज सिंह के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था.
जानें पूरा मामलायुवराज सिंह पर आरोप है कि उन्होंने पिछले वर्ष रोहित शर्मा से लाइव चैट में युजवेंद्र चहल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस मामले में नेशनल अलायंस और दलित ह्यूमन राइट्स के संयोजक रजत कलसन ने हांसी पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी. पुलिस ने शिकायतकर्ता द्वारा सौंपी गई सीडी को पिछले वर्ष 10 अगस्त को पंचकूला स्थित साइबर सेल की लैब में भेजा था. जबकि लंबी प्रक्रिया के बाद 21 सितंबर को लैब से रिपोर्ट प्राप्त हुई थी. इस मामले में हांसी पुलिस ने चंडीगढ़ पुलिस को भी मामले में कार्रवाई के लिए शिकायत भेजी थी.
मामले में शिकायतकर्ता अधिवक्ता रजत कलसन सेशन कोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट पेश करने की गुहार लगा चुके हैं. कोर्ट ने आगामी 4 अप्रैल तक पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे. पुलिस पर भी मामले में दबाव था, क्योंकि लैब की रिपोर्ट भी आ चुकी थी और अनुसूचित जाति से मामला जुड़ा हुआ था.पुलिस को शिकायतकर्ता ने जो सीडी दी थी उसकी लैब में जांच की गई. साइबर सेल की लैब की जांच में सामने आया कि सीडी कॉपी की गई है और असली वीडियो मिलने पर ही प्रामाणिकता की पुष्टि हो सकती है. इस मामले में पुलिस ने कानूनी राय भी ली थी. लंबे समय से ढीली कार्रवाई कर रही पुलिस ने अचानक 14 फरवरी को युवराज सिंह के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है.