बैतूल5 मिनट पहले
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सारनी। आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी खैरवानी पंचायत के ढोकली जामुनढाना के लोग मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहे थे हैं। पंचायत स्तर से लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात की, लेकिन किसी भी सरकारी महकमे ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति ढोकली ने वन विभाग के आला अधिकारियों से मुलाकात की, तब जाकर ग्रेवल सड़क का निर्माण हुआ। इससे लोगों को इस बरसात में राहत मिली। गांव में 56 वर्ष से रह रहे रामदास मगरजी का कहना है कि आज तक ग्रामवासियों ने भारी दिक्कत का सामना किया है। गांव में 40 परिवार से जुड़े 200 लोग की सुविधा को देख वन विभाग की ओर से ग्रेवल सड़क का निर्माण किया है। पूर्व वर्षों में अगर गांव में किसी की तबीयत खराब होती थी तो मरीज को खटिया पर लेकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना ही भारी लगता था, लेकिन सुलभ आवागमन से अब राहत मिली है। उन्होंने बताया पिछले चुनाव का बहिष्कार किया था, तब लेकिन तत्कालीन तहसीलदार ने गांव वालों को आश्वासन दिया था, लेकिन सड़क नहीं बनाई। बहरहाल ग्रेवल सड़क बनते ही आवागमन सुचारू हो गया। प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति ढोकली के अध्यक्ष मनोहर परते ने बताया कि ग्रामीणों ने इस ग्रेवल सड़क निर्माण के लिए वन विभाग से जुड़े समस्त अधिकारियों की प्रशंसा की है।
वन विभाग की पहल रंग लाई, मिली सड़क की सुविधा
बैतूल, सारनी, परासिया स्टेट हाईवे से सटे गांव ढोकली-जामुनढाना की दूरी महज डेढ़ किलोमीटर की है। इस गांव के लोग अपनी समस्या लेकर वन विभाग के पास पहुंचे। इसके बाद से वन विभाग सारनी का अमला सक्रिय हो गया। इसके बाद प्रबंध संचालक जिला वनोपज यूनियन उत्तर बैतूल के अंतर्गत प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति ढोकली के द्वारा 1200 सौ मीटर ग्रेवल मार्ग का निर्माण 10 लाख रुपए की लागत से कराया। इससे ग्रामीणों को आवागमन की समस्या से छुटकारा मिल गया। वहीं पेयजल की समुचित व्यवस्था के लिए दो हैंडपंप वर्षाकाल खत्म होने के बाद खोदे जाएंगे। इससे पानी की समस्या का भी समाधान हो जाएगा।
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