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- Ujjain STF Caught Inter state Gang Printing Fake Currency, Fake Notes Worth 13.35 Lakhs Found
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उज्जैन29 मिनट पहले
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उज्जैन एसटीएफ ने 13.65 लाख के नकली नोट बरामद किए हैं।
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला है सरगना
- पुलिस ने कोर्ट में पेश कर लिया आरोपियों का रिमांड
STF ने जाली नोट छापने और उसे बाजार में खपाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। STF ने गिरोह के सरगना समेत पांच लोगों को पकड़ा है। आरोपी 2000 और 500 के जाली नोट छापते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। गिरोह का सरगना और उसका एक साथी राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं। वह पहले भी इसी अपराध में गिरफ्तार हो चुके हैं। उनके पास से 13.35 लाख से अधिक के नकली नोट मिले हैं। इसके अलावा फोटोकॉपी मशीन, केमिकल भी जब्त किए गए हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
STF SP अंजना तिवारी ने बताया, रविवार रात खबर मिली थी कि आगर रोड स्थित हरिओम वेयर हाउस के पास कार (RJ 35 CA 0591) में सवार चार लोग जाली नोट लेकर ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। इस पर इंस्पेक्टर दीपिका शिंदे, SI जेएस परमार, ASI देवेंद्र सिंह कुशवाह, कॉन्स्टेबल बजरंग कुमार, सुमित सिंह, सुनील झा, संजय शुक्ला, धर्मेंद्र बड़ोलिया, राजपाल सिंह राठौर, पुष्पेंद्र यादव, मनीष राठौर, पूनमंचद्र यादव, मनोज सिकरवार, जितेंद्र शर्मा और राजेंद्र सिंह बघेल के साथ दबिश दी गई। चारों को मौके से हिरासत में ले लिया गया।
कार की तलाशी में उसमें 2000 और 500 के नोटों के बंडल मिले। पूछताछ में पता चला, नोट नकली (FAKE) हैं। आरोपियों की पहचान महमूद खां निवासी जिला आगर, सद्दाम व नईम उर्फ नय्यूम निवासी प्रतापगढ़, राजस्थान, गोवर्धन निवासी नईखेड़ी भैरवगढ़ उज्जैन के रूप में हुई। उनकी निशानदेही से गिरोह के पांचवें सदस्य संतोष को आगर के सुसनेर से पकड़ा गया। सद्दाम और नईम पहले भी नकली नोट के मामले में जेल जा चुके हैं।
असली नोट की फोटोकॉपी कर छापते थे FAKE CURRENCY
गिरोह के सदस्यों को 30 हजार असली नोटों के बदले एक लाख तक के जाली नोट देते थे। SP ने बताया, पूछताछ में पता चला है कि असली नोट की फोटोकॉपी कर नकली नोट बनाते थे। नकली नोट पर केमिकल लगाते थे, ताकि पुलिस को शक न हो। नकली नोट खरीदने वालों से कहते थे कि इस नोट को गरम पानी में धोने के बाद केमिकल उतर जाएगा और नोट एकदम असली जैसे दिखेंगे।
ग्राहकों को डेमो भी देते थे
पूछताछ में पता चला, नकली नोट खपाने से पहले गिरोह के लोग ग्राहकों को DEMONSTRATION भी दिखाते थे। ग्राहकों को फंसाने के लिए असली नोट (ग्राहकों से बताते कि नकली नोट) पर टिंचर लगाते और गरम पानी में उबालते। पानी में टिंचर घुल जाता और नोट साफ दिखने लगता। इस तरह से ग्राहकों को नकली नोट देकर ठगा जाता।