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ग्वालियर2 मिनट पहले
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14 दिन पहले हस्तिनापुर में सिद्ध बाबा मंदिर के पुजारी की हत्या का खुलासा करती पुलिस, पुराना चेला ही निकला हत्या आरोपी
- 19 फरवरी को हुई थी हस्तिनापुर में हत्या
- बाबा जसवंत उर्फ जानकीदास की हुई थी हत्या
14 दिन पहले हस्तिनापुर में हुए मंदिर के बाबा के अंधे कत्ल का खुलासा शनिवार शाम पुलिस ने कर दिया है। हत्या करने वाला बाबा एक पूर्व चेला निकला है। घटना वाले दिन उसने खाना बनाने के लिए बाबा के बर्तन उठा लिए थे। इस पर बाबा नाराज हुए और उसे गाली दे दी। गाली से बौखलाए चेले ने बाबा के सिर में फावड़ा और कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर हत्या में उपयोग फावड़ा और कुल्हाड़ी बरामद कर ली हैं। साथ ही खून से सने कपड़े भी बरामद हो गए हैं।
हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के डंगोरा निवासी 85 वर्षीय जसवंत उर्फ जानकीदास गुर्जर पुत्र जत्थाराम गुर्जर गांव के ही सिद्ध बाबा मंदिर पर पुजारी थे। गांव के लोगों की उनमें बहुत आस्था थी। 19 फरवरी को जब गांव के लोग मंदिर पर पहुंचे तो पास ही बाबा की कुठियां में खटिया पर रजाई से ढका हुआ उनका शव पड़ा हुआ था। रजाई हटाई तो खून से सना बाबा का शव दिखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक पड़ताल में यह साफ था कि हत्या कुल्हाड़ी से की गई है। शरीर पर 5 से 6 घाव होने के कारण यह भी साफ था कि हत्या करने वाला काफी गुस्से में रहा होगा, लेकिन यह समझ नहीं आ रहा था कि बाबा से ऐसी किसे दुश्मनी थी। इस पर एसपी ग्वालियर ने अलग-अलग टीमें बनाकर जांच के लिए लगाईं।
हत्या करने के बाद आरोपी इस तरह रजाई से छिपा गया था बाबा का शव
इस तरह मिला सुराग, पकड़ा आरोपी
एसपी द्वारा बनाई गईं दोनों टीमों ने अपने-अपने स्टाइल में पूछताछ की। एक टीम ने गांव और परिवार में पूछताछ की तो दूसरी टीम ने मंदिर आने वालों की जन्म कुंडली तैयार की। इसी समय पता लगा कि जिस दिन बाबा की हत्या हुई थी, उस दिन एक युवक मंदिर पर बाबा से मिलने आया था। उसे खाना बनाते हुए देखा गया था। इसका पता चलते ही पड़ताल की तो पता चला कि उस दिन मंदिर पर पिछोर निवासी भूरा पुत्र तिलक सिंह मंदिर पर आया था। उसकी तलाश की तो वह घर से गायब मिला, अब संदेह यकीन में बदल गया था। शुक्रवार शाम को उसे पिछोर से हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उसने हत्या करना कुबूल कर लिया।
गाली देने पर आया गुस्सा कर दी हत्या
आरोपी भूरा ने पुलिस को बताया कि वह अक्सर यहां से पैदल निकलता था तो मंदिर पर आराम करता था और खाना बनाकर खुद खाता और बाबा को भी खिलाता था। 19 फरवरी को उसके मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई। उसने मंदिर पर पहुंचकर बाबा की कुठिया में अपना मोबाइल चार्ज पर लगाया। साथ ही खाना बनाने के लिए बाबा के बर्तन उठा लाया। जब वो खाना बना रहा था तो बाबा जानकीदास आ गए। उन्होंने अपने बर्तन उपयोग होते देखे तो भूरा से गाली गलोज शुरू कर दी। यह बात भूरा को बुरी लगी। उसने गाली देने से मना किया तो बाबा ने और भला बुरा कहा। अब उससे सहन नहीं हुआ तो उसने पास ही रखा फावड़ा उठाकर बाबा के सिर में दे मारा। बाबा नीचे गिर पड़े। इसके बाद भूरा ने पास ही रखी कुल्हाड़ी उठाकर बाबा पर 5 से 6 हमले कर दिए। बाबा की मौत हो गई तो शव को रजाई से ढक कर भाग गया। पुलिस ने फावड़ा, कुल्हाड़ी और हत्या के समय आरोपी के खून से बिगड़े कपड़े बरामद कर लिए हैं।