यह फाेन कैमरे के अलावा पेटीएम, गूगल पे या किसी भी स्कैनर से स्कैन हाे जाएगा
चार युवाओं ने ऐसा स्मार्ट स्टिकर तैयार किया है जिसे स्कैन करते ही वाहन मालिक का नंबर सामने आ जाएगा, यही नहीं इसमें प्राइवेसी का भी ध्यान रखा गया है, कॉल करते वक्त दाेनाें तरफ से प्राइवेट नंबर ही शाे हाेगा.
नई दिल्ली. रास्ते में हाेने वाले किसी भी एक्सीडेंट (Accident) में हमारा प्रयास यही रहता है कि एबुलेंस पुलिस काे सूचित करने के साथ ही कैसे भी घायल के परिजनाें काे भी इसकी सूचना दी जाए. कई बार यह काम इसलिए भी मुश्किल भरा हाे जाता है पुलिस के लिए भी क्याेंकि व्यक्ति की काेई आईडी उसके साथ नहीं मिलती. इसी समस्या काे चार युवाओं ने दूर कर दिया है. इन्हाेंने एक ऐसा स्मार्ट व्हीकल स्टिकर (smart vehicle stickers)बनाया है जिसे माेबाइल से स्कैन करते हैं. इमरजेंसी में उस व्यक्ति ने जिस परिजन का नंबर डाल रखा हाेगा वाे सामने आ जाएगा. इनके इस स्मार्ट स्टिकर काे राजस्थान परिवहन विभाग में लागू करने का विचार कर रहा है. इसकी खास बात यह भी है कि यह फाेन कैमरे के अलावा पेटीएम, गूगल पे या किसी भी स्कैनर से स्कैन हाे जाएगा और संबंधित जानकारी चंद सेंकड में आपके सामने आ जाएगी. आइए जानते है किस-किस स्थिति में और कैसे काम करता है इन युवाओं द्वारा तैयार किया गया स्मार्ट व्हीकल स्टिकर
इतने काम और करेगा यह स्टिकर
इस मार्ट व्हीकल स्टिकर काे साइकिल से लेकर किसी भी वाहन में लगाया जा सकता है. इसमें लगे स्नैकर में तीन तरह की जानकारी और नंबर फीड किए जाएंगे. मसलन यदि आपकी पार्किंग में किसी ने वाहन लगा दिया और यदि उसने यह स्टिकर लगा रखा है और आप स्कैन करके सीधे वाहन मालिक का नंबर निकाल सकते है. इसमें कॉल करने के साथ साथ मैसेज करने का भी ऑप्शन रहेगा. तीसरा ऑप्शन इसे स्कैन करते ही इमरजंसी नंबर का आएगा. इसे क्लिक करते है इसमें संबंधित व्यक्ति ने जिस भी परिजन या दाेस्ता का नंबर फीड किया हाेगा वाे सामने आ जाएगा और आप उसे सीधे कॉल कर हुए हादसे की जानकारी दे सकेंगे. खास बात यह है कि कॉल करने या रिसीव करने वाले दाेनाें शख्स की माेबाइल फाेन स्क्रीन पर टाेल फ्री नंबर के रूप में सामने आएगा जिससे आपकी प्रायवेसी भी बनी रहेगी.
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इन्हाेंने किया तैयार
इसे तैयार करने वाले युवा तीन अलग अलग राज्याें से है जिसमें मप्र, उत्तराखंड और यूपी शामिल है. कंपनी के फाउंडर विक्रम सिंह है जाे कि सॉफ्टवेयर फील्ड से जुड़े है जबकि दूसरे है राजेश पंत, लॉकडाउन के बाद से वे विक्रम के साथ काम कर रहे है, तीसरे युवा का नाम गाैरव बिष्ट है जाे सॉफ्टवेयर कंपनी से जुड़े है ताे वहीं चाैथे युवा का नाम हरजस सेठी है. एक अखबार से हुई बातचीत में विक्रम सिंह ने कहा वे चाहते है कि इस स्मार्ट व्हीकल स्टिकर काे सरकार संज्ञान में ले. उन्हाेंने इसकी शुरूआती कीमत 500 रुपये बताई है.