2025 तक पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाया जाएगा.
परिवहन मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी करके पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दे दी है. जिससे अपने आप पेट्रोल और डीजल की कीमत नीचे आ जाएगी. वहीं सरकार के इस फैसले से प्रदूषण भी कम होगा.
वाहनों में अब E20 पेट्रोल का होगा इस्तेमाल – अभी तक वाहनों में कम मात्रा में E20 मिलाया जाता था. लेकिन परिवहन मंत्रालय के नोटिफिकेशन के बाद पेट्रोल में 20 फीसदी E20 मिलाया जा सकेगा. जिससे वातावरण के साथ पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी राहत मिलेगी. वहीं कार और बाइक मैन्यूफैक्चर्स को अलग से बताना होगा कि कौन सा वाहन E20 के लिए उपयुक्त है, इसके लिए वाहन में एक स्टीकर भी लगाना होगा.
2025 तक 20 परसेंट एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्यआपको बता दें कि सरकार ने 2030 तक 20 परसेंट एथनॉल ब्लेंडिंग पेट्रोल का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब इसे पांच साल पहले 2025 में ही हासिल करने की योजना है. पिछले साल सरकार ने 2022 तक पेट्रोल में 10 परसेंट एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखा था. मौजूदा एथनॉल सप्लाई वर्ष में, जो कि अक्टूबर में शुरू होता है, पेट्रोल में 8.5 परसेंट एथनॉल ब्लेंडिंग होती है, इसे 2022 तक बढ़ाकर 10 परसेंट किया जाएगा.
सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार 2025 तक 20 परसेंट एथनॉल ब्लेंडिंग के लिए 1200 करोड़ एल्कोहॉल/एथनॉल की जरूरत होगी. 700 करोड़ लीटर एथनॉल बनाने में शुगर इंडस्ट्री को 60 लाख टन सरप्लस चीनी का इस्तेमाल करना होगा. जबकि 500 करोड़ लीटर एथनॉल दूसरी फसलों से बनेगा.
सरकार के इस फैसले से किसानों को होगा फायदा- परिवहन मंत्रालय के इस फैसले से किसानों को भी लाभ होगा. दरअसल, एथेनॉल गन्ने, मक्का और कई दूसरी फसलों से बनाया जाता है. जिससे किसानों की एक्स्ट्रा आमदनी होगी और चीनी मिलों को भी फायदा होगा. जिससे वो अपने कृषि बकाए को चुका सकेंगे. आपको बता दें एथेनॉल काफी किफायती है इसलिए उपभोक्ताओं को भी पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.