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भोपाल20 मिनट पहले
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कोर्ट का कहना था कि पहली मां देखी जो बेटी की शादी से दुखी है।(प्रतीकात्मक फोटो।
- काउंसलिंग के बाद मानी महिला- अब पति के साथ जाने को तैयार, पांच साल से मायके में रह रही थी
कई बार छोटी-छोटी बाताें की वजह से पति और पत्नी के बीच दूरियां इतनी बढ़ जाती हैं कि नौबत तलाक तक पहुंच जाती है। ऐसा ही एक मामला फैमिली कोर्ट में पहुंचा, जिसमें महिला अपने पति से केवल इसलिए नाराज हो गई, क्योंकि उसने बेटी की पसंद के लड़के से उसका प्रेम विवाह करा दिया था। पति और बेटी से नाराज महिला ने कोर्ट में तलाक और भरण-पोषण का प्रकरण लगाया है।
महिला ने बेटी की शादी के पांच साल बाद कोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट ने मामले को समझने के बाद महिला को समझाने की कोशिश की। कोर्ट का कहना था कि पहली मां देखी जो बेटी की शादी से दुखी है। कोर्ट ने कहा कि बेटी बच्चों वाली हो गई है, उसके बच्चों को अपनाओ और खुशी से रहो। हालांकि महिला तलाक के लिए अड़ी रही। लगातार काउंसलिंग के बाद अब महिला पति से साथ जाने तैयार हुई है। यह मामला जज आरएन चंद के यहां विचाराधीन है।
उस समय बेटी की शादी को लेकर घर में काफी विवाद हुआ। पति ने पत्नी को समझाने की कोशिश की थी कि बेटी ने जो लड़का पसंद किया है वह अच्छा है। बेटी को सुखी रखेगा। पति ने काउंसलर शैल अवस्थी को बताया कि पत्नी बेटी की शादी के पहले ही अपने मायके चली गई थी। बेटी की शादी को पांच साल हो गए हैं। उसके दो बच्चे हैं जो बहुत ही सुंदर हैं।
बेटी-दामाद और पति ने महिला को मनाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह जिद छोड़ने को तैयार नहीं थी। महिला के पति और बेटी-दामाद बच्चों सहित काउंसलिंग के लिए पहुंचे थे। तीन बार काउंसलिंग करने के बाद अब महिला अपने पति के साथ जाने तैयार हो गई है। उसने कोर्ट के सामने बेटी-दामाद और पति से भी माफी मांगी। मामले में समझौता हो गया।
बचपन मेें ही तय कर दी थी बेटी की शादी, इसलिए उसके फैसले से आहत हुई
महिला ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि उसने अपनी बचपन की सहेली जो कि उसकी रिश्तेदार भी है, को वचन दिया था कि उसके बेटे से अपनी बेटी की शादी करेगी। तब से दोनों सहेली एक सपने को जी रही थीं। बेटी के निर्णय ने उसके सपने को चूर-चर कर दिया। इससे वह आहत हो गई थी। उम्मीद थी कि बेटी और पति बात मान जाएंगे लेकिन उल्टा हुआ। पति ने अकेले ही बेटी की शादी कर दी। हालांकि उसने स्वीकार किया उन्होंने शादी में बुलाया था। वह ही जिद की वजह से नहीं गई।