लिवरपूल इंग्लिश प्रीमियर लीग का फुटबॉल क्लब है
लिवरपूल (Liverpool) ने ऐसे समय में यह खिताब जीता जबकि कोरोना वायरस के कारण लीग लगभग तीन महीने तक ठप्प रही
लिवरपूल (Liverpool) ने इससे पहले आखिरी बार 1990 में खिताब जीता था और अगले खिताब का उसका इंतजार तब खत्म हुआ जबकि उसके खिलाड़ियों ने मैदान पर कदम भी नहीं रखा. उसने चेल्सी (Chelsea) की दूसरे नंबर पर काबिज मैनचेस्टर सिटी पर 2-1 से जीत से अपना खिताब सुरक्षित किया. इस परिणाम का मतलब है कि सिटी बाकी बचे सात दौर के मैचों में लिवरपूल की बराबरी तक नहीं पहुंच पाएगा.
टॉप स्थान पर बना रहेगा लिवरपूल
लिवरपूल (Liverpool) के 31 मैचों में 86 जबकि सिटी के इतने ही मैचों में 63 अंक हैं. दोनों के बीच अब 23 अंकों का अंतर हो गया है. चेल्सी के 54 अंक हैं और वह तीसरे स्थान पर काबिज लिस्टर सिटी से एक अंक पीछे और पांचवें नंबर के मैनचेस्टर यूनाईटेड से पांच अंक आगे है.लिवरपूल ने ऐसे समय में यह खिताब जीता जबकि कोरोना वायरस के कारण लीग लगभग तीन महीने तक ठप्प रही और इसके बाद मैचों का आयोजन खाली स्टेडियम में किया जा रहा है.
स्टेडियम में मनाया गया लिवरपूल की जीत का जश्न
स्टैमफोर्ड ब्रिज पर जब अंतिम सीटी बजी तो कुछ दर्जन दर्शक ही स्टेडियम के बाहर खड़े थे. लेकिन जल्द ही यह संख्या सैकड़ा पार कर गयी तथा उन्होंने आतिशबाजी करके लिवरपूल की जीत का जश्न मनाया.
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फैंस को समर्पित की जीत
लिवरपूल के मैनेजर जर्गेन क्लॉप ने कहा, ‘यह बहुत बड़ा क्षण है. मैं बेहद खुश हूं.’ मैच में चेल्सी (Chelsea) की तरफ से क्रिस्टियन पुलिसिच ने 36वें मिनट में जबकि विलियन ने 78वें मिनट में पेनल्टी पर गोल किया. यह पेनल्टी चेल्सी को फर्नाडिन्हो की गलती से मिली जिन्हें लाल कार्ड दिखाया गया था. सिटी की तरफ से केविन डि ब्रूएन ने 55वें मिनट में गोल दागा था. एक अन्य मैच में आर्सनल ने एडी निकिटिया (20वें) और जो विलोक (87वें मिनट) के गोल की मदद से साउथम्पटन को 2-0 से हराया.