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- After The Crop Was Damaged Due To Rain And Hailstorm, Someone Is Worrying About The Installment Of The Tractor And The Worry Of The Marriage Of The Daughter.
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भोपाल14 मिनट पहले
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ग्वालियर के मुरार ब्लॉक के सरसपुरा गांव में गेहूं की फसल बिछ गई।
- आफत की बारिश से किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, खेतों में फसल बर्बाद
मध्यप्रदेश में शुक्रवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को बर्बाद कर दिया। सबसे ज्यादा नुकसान चना, गेहूं, मसूर और सरसों की पहुंची है। गेहूं और सरसों की खड़ी फसल खेतों में लेट गई है। इस बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल का दाना बारीक पड़ने की आशंका है, जिससे उचित दाम नहीं मिल पाएगा। इससे किसान चिंतित हैं। किसी को ट्रैक्टर की किश्त चुकाने की चिंता है तो किसी को बेटी के ब्याह की। सरकार ने नुकसान के सर्वे करने के आदेश दे दिया है। सागर में राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कुछ स्थानों पर पहुंचकर खराब हुईं फसलों को देखा है।
ग्वालियर में तेज हवा में गेहूंं और सरसों की फसल बिछ गई
ग्वालियर में शुक्रवार को तेज हवा के साथ बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं ओर सरसों की फसल जमीन पर बिछ गई है। फसल के जमीन पर बिछ जाने दाने नहीं पक पाएंगे। इस कारण गेहूं-सरसों की गुणवत्ता बहुत हल्की आएगी। मंडी में इसका सही भाव भी नहीं मिलेगा।
मुरार ब्लॉक के सरसपुरा गांव में किसान दीपू घुरैया ने बताया कि तेज हवा और बारिश से उनकी 30 फीसदी फसल जमीन पर बिछ गई है। इस साल उन्होंने ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था। यदि फसल के सही दाम नहीं मिले तो किश्त पटाना मुश्किल पड़ जाएगा।
छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा ग्राम पंचायत घोघरी पत्थर्कटी और आसपास के क्षेत्र में तेज बारिश के साथ बहुत अधिक मात्रा में ओले गिरने से फसलें बर्बाद हो गई। बर्बाद फसलों को देखकर किसान चिंतित है। कहीं चने बराबर के तो कहीं इससे बड़े आकार के ओले गिरे है। कुछ गांव में तेज हवा की वजह से कुछ घंटे रात में बिजली गुल रही। कलेक्टर सौरभ सुमन के निर्देश पर राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। अमरवाड़ा तहसील के किसान मनोहरसिंह का है। उन्होंने कहा कि फसल आने पर बिटिया की शादी की खरीदी करना है। इससे पहले ही बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों की जान ले ली है। क्या होगा कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
सागर में राजस्व मंत्री ने खेतों में पहुंचकर लिया जायजा
सागर में खेतों में कटी रखी और खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। जिले के मालथौन, खुरई, राहतगढ़, देवरी सहित अन्य तहसीलों में शुक्रवार रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही। इस दौरान बेरखेड़ी, बिचपुरी, चौपड़ा, राहतगढ़ क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान राहतगढ़ क्षेत्र में हुआ है। किसानों की मानें तो बारिश से पहली बोवनी की फसलों को नुकसान ज्यादा हुआ है। हवा-आंधी से फसलें खेत में आड़ी हो गई हैं।
वहीं खेत में कटी रखी फसलों में पानी लगने से दाना काला पड़ना और चमक फीकी पड़ने से उपज की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। हालांकि बारिश के बाद शनिवार को सुबह से खिली तेज धूप से कुछ स्तर तक फसलों को फायदा हुआ है। इधर, बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कार्य प्रशासन ने शुरू कराया है। शनिवार को राजस्व विभाग की टीमों ने फसल नुकसान का पंचनामा बनाया है। राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ने फसल नुकसानी का खेतों में पहुंचकर जायजा लिया है। उन्होंने किसानों से भी चर्चा की और कहा कि किसान चिंता नहीं करें। फसलों की क्षति का सर्वे किया जाएगा और क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी। मौके पर मौजूद राहतगढ़ एसडीएम और तहसीलदार से तत्काल प्रभवित फसलों का सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए।
सागर में राजस्व मंत्री गोविंदसिंह राजपूत ने खेतों में पहुंचकर फसलों का जायजा लिया।
जबलपुर और इंदौर में नुकसान नहीं जबलपुर में अधिक बारिश नहीं हुई है। हवा भी अधिक तेज नहीं थी। ग्रामीण क्षेत्रों में बूंदाबांदी ही हुई। यहां फसलों को नुकसान नहीं हुआ है। किसानों के मुताबिक यदि बादल बने रहते तो चने को नुकसान होता लेकिन दोपहर बाद धूप निकल आई है। इंदौर में सिर्फ तेज हवा थी इसलिए फसलों को नुकसान नहीं है। शुक्रवार को नमी वाले मौसम के बाद शनिवार को धूप खिलने से फसलों के लिए अच्छा माना जा रहा है। भोपाल और आसपास के कुछ क्षेत्र में तेज बारिश हुई। पास के जिले में गेहूं की कटी हुई फसल को नुकसान हुआ है। यहां बारिश के साथ ही ओले भी गिरे है। इससे इस क्षेत्र में होने वाले शरबती गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
शाजापुर-सीहोर में गेहूं की फसल बर्बाद
उज्जैन संभागके शाजापुर में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। यहां पांच घंटे में पांच मिमी बारिश के अलावा 20 मिनट तक ओले भी गिरने से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई। खरगोन जिले के भीकनगांव और सनावद क्षेत्र में करीब 15 मिनट तेज बारिश हुई। गेहूं चने की कटी हुई फसल इससे प्रभावित हुई है। यही हाल खंडवा जिले के ग्रामीण क्षेत्र में भी रहा। तेज हवा आंधी के बाद हल्की बारिश की वजह से गेहूं की फसल आड़ी हो गई। सीहोर में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।
भिंड में हल्की बूंदाबांदी होने से फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं होने से किसान राहत महसूस कर रहे हैं। दतिया में पांच मिलीमीटर बारिश हुई। इससे सरसों, चने और मसूर की फसल को अधिक नुकसान होगा, लेकिन गेहूं का दाना भी बारीक होने की आशंका है। दमोह में बिजली खूब चमकी लेकिन बारिश हल्की होने से राहत है।
दतिया में इस तरह आड़ी हो गई गेहूं की फसल।
छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा तहसील में गिरे ओले।