पर्व स्नान: शनिचरी अमावस्या पर मां नर्मदा में डुबकी लगाने उमड़े हजाराें श्रद्धालु

पर्व स्नान: शनिचरी अमावस्या पर मां नर्मदा में डुबकी लगाने उमड़े हजाराें श्रद्धालु


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हंडिया5 मिनट पहले

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श्रद्धालुओं काे परेशानी से बचाने बड़े वाहन राेके

  • भगवान सिद्धनाथ के जलाभिषेक के साथ पंचकाेशी यात्रा का हुआ समापन

मां नर्मदा की पांच दिनी पंचकाेशी यात्रा का शनिवार काे शनिचरी अमावस्या के माैके पर नेमावर के सिद्धनाथ घाट पर समापन हुआ। घाट पर पहुंचे हजाराें पंचकोशी यात्रियों ने नर्मदा स्नान करने के बाद पूजा-अर्चना कर भगवान सिद्धेश्वर का मां नर्मदा के जल से अभिषेक किया। इसके बाद विधिवत यात्रा का समापन किया।

श्रद्धालुओं ने भंडारा कर प्रसादी का कार्यक्रम भी किया। यात्रा का अंतिम रात्रि पड़ाव इंदाैर-बैतूल नेशनल हाइवे स्थित संदलपुर गांव में था। शनिवार सुबह यात्री हाइवे से हाेते नेमावर पहुंचे। शनिचरी अमावस्या होने की वजह से शनि महाराज को भी गुड़, तिल्ली तेल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। हंडिया और नेमावर के दोनों प्रमुख घाटों पर करीब 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। भीड़ काे नियंत्रित करने के लिए देवास और हरदा जिला प्रशासन के अधिकारी माैजूद रहे। कोई भी श्रद्धालु गहरे पानी में न जाएं इसकाे लेकर घाट पर लगातार अनाउंस किया जा रहा था।

अधिक वाहन होने से नेमावर पहाड़ी पर बिगड़ गई यातायात व्यवस्था
सुबह करीब 11 बजे नेशनल हाईवे पर यातायात व्यवस्था गड़बड़ा गई। नेमावर पहाड़ी के समीप नर्मदा में जाने वाले रास्ते पर दो पहिया और चार पहिया वाहनाें की संख्या अधिक हाे गई। इस वजह से हाइवे से निकलने वाले वाहनों के लिए जाम की स्थिति बन गई। पंचकोशी यात्रा का समापन होने की वजह से भी अधिक भीड़ दिखाई दी। पुल पर हंडिया और इंदाैर की अाेर जाने वाले वाहनाें की लाइन बागरूल पहाड़ी से भी आगे पहुंच गई। बड़े वाहनाें काे राेक दिया। सिर्फ यात्री बसाें काे ही निकलने की अनुमति दी। हालांकि खातेगांव तरफ से आने वाले वाहनाें काे एक-एक कर निकाला जा रहा था।

रात में श्रद्धालुओं काे सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया
शुक्रवार रात तेज हवा से श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। हंडिया तहसीलदार डॉ. अर्चना शर्मा और टीआई सीएस सरियाम ने हंडिया के प्रमुख घाटों का होमगार्ड पुलिस के जवान तैनात किए। इसके अलावा श्रद्धालुओं काे घाट से हटाकर सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया। आंधी के कारण कई टीन शेड और पेड़ टूट गए। माैसम खराब हाेता देख अधिकारियाें ने सुरक्षा की दृष्टि से श्रद्धालुओं काे सरकारी स्कूल, धर्मशाला और अन्य स्थानाें पर पहुंचाया।

ऐसा रहा यात्रा का मार्ग
मंगलवार सुबह सिद्धनाथ घाट से शुरू हुई पंचकाेशी यात्रा का बीजलगांव में पहला रात्रि पड़ाव रहा। श्रद्धालु बुधवार काे नर्मदा पार कर जलाेदा व विभिन्न गांव हाेते हुए हंडिया पहुंचे। जहां पड़ाव का दूसरा रात्रि विश्राम रहा। तीसरा रात्रि पड़ाव गुरुवार काे उचान घाट पहुंचे। जहां से नर्मदा पार कर देवास जिले में पहुंचे। चाैथा रात्रि पड़ाव संदलपुर में शुक्रवार काे रहा। इसके बाद शनिवार काे अमावस्या पर सिद्धनाथ घाट पर यात्रा का समापन किया।

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