पृथ्वी शॉ ने रचा इतिहास (Prithvi Shaw/Instagram)
पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने विजय हजारे ट्रॉफी टूर्नामेंट के इस सीजन में 165.40 की औसत और 138.29 की स्ट्राइक रेट से कुल 827 रन बनाए.
खिताबी मुकाबले में शॉ ने 39 गेंदों पर 10 चौके और 4 छक्के लगाकर 73 रन की पारी खेली. वह शिवम मावी के शिकार बने. उनकी यह पारी काफी खास है, क्योंकि मैच के दौरान चोट लगने के बाद वह मैदान से बाहर चले गए थे और उनकी टीम को किसी अनहोनी की चिंता हो रही थी, मगर जब वह उत्तर प्रदेश के दिए 313 रनों के लक्ष्य का पीछा करने मैदान पर उतरे, तब मुंबई ने राहत की सांस ली.
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फील्डिंग के दौरान चोटिल हुए शॉ
दरअसल उत्तर प्रदेश की पारी के 24वें ओवर में पहले स्लिप पर फील्डिंग के दौरान शॉ को चोट लग गई थी. उत्तर प्रदेश के सलामी बल्लेबाज माधव कौशिक ने युवा लेग स्पिनर प्रशांत सोलंकी पर शॉट खेला तो गेंद जाकर शॉ को लगी. गेंद पृथ्वी के बाएं पैर के आगे के हिस्से (शिन) पर लगी और दाएं हाथ का यह बल्लेबाज दर्द से इस टूर्नामेंट में उन्होंने एक नाबाद दोहरे शतक सहित, 3 शतक और एक अर्धशतक जड़ा है. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी उत्तर प्रदेश ने चार विकेट के नुकसान पर 312 रन बनाए. सलामी बल्लेबाज माधव कौशिक ने 156 गेंदों पर 158 रन की पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 15 चौके और 4 छक्के लगाए