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- Abhiram Has Set Out On A 1819 kilometer Trek At The Age Of 63 With A Tricolor In His Hand, The Motive Is To Keep The Youth Away From Drugs
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ग्वालियर10 मिनट पहले
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63 साल के अभीराम जो 1800 से ज्यादा किलोमीटर चलकर देश की राजधानी जाएंगे, साथ ही नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करेंगे
- कहते हैं कि युवाओं को नशे से मरता देख मन होता है व्यथित
- ग्वालियर से निकलते समय अभीराम ने दैनिक भास्कर से की बात
ओडिसा के पुरी निवासी 63 साल के बुजुर्ग अभीराम सतपथी का जज्बा और फिटनेस देखते ही बनती है। इस उम्र में भी वह युवाओं की तरफ दिखते और सोच रखते हैं। वह हाथ में तिरंगा लिए 80 दिन में 1819 किलोमीटर की लंबी और कठिन पदयात्रा पर निकले हैं। अभीराम ओडिसा के पुरी से पैदल चलते हुए सोमवार शाम को ग्वालियर पहुंचे। यहां रात को रूकने के बाद मंगलवार सुबह दिल्ली संसद भवन के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान उनसे बात करने पर पता लगा कि उनकी इस कठिन पदयात्रा का मकसद सिर्फ युवाओं को नशे से दूर रखना है। युवा नशा न करें और व्यायाम कर मेरी तरह फिट रहें। इसके बाद वह मुस्कराते हुए अपने मिशन पर निकल गए।
कौन है अभीराम
ओडिसा के गांव दुर्लगा झारसुकड़ा 63 वर्षीय निवासी अभीराम सतपथी निजी फर्म में कर्मचारी हैं। परिवार में दो बच्चे व पत्नी है। अभीराम 6 जनवरी 2021 को जगन्नाथ पुरी से पैदल दिल्ली के संसद भवन जाने के लिए निकले थे। उनका कार्यक्रम है कि वह 26 मार्च को दिल्ली के संसद भवन पहुंचकर वहां सांसदों से मुलाकत कर अपने प्रण के बारे में बताएं। जिससे सभी प्रदेश में नशाबंदी हो सके। उनका प्रण है कि वह पैदल चलते हुए पुरी से दिल्ली तक लंबी यात्रा में शहर-शहर नशाबंदी के खिलाफ युवाओं को जागरूक करेंगे और व्यायाम कर सेहत को मस्त करने के लिए संदेश भी देंगे। जिससे फिर कभी कोरोना जैसा कोई वायरस अटैक करता है तो युवा उसे सहन कर सकें।
क्यों आया मन में पदयात्रा का ख्याल
अभीराम से जब हमने पूछा कि उनके मन में नशांबदी या देश को नशामुक्त करने का विचार कैसे आया। इस पर उनका कहना था कि लॉकडाडन में उन्होंने लोगों को कमजोर इम्युनिटी पावर के चलते कोरोना वायरस से मरते देखा है। ज्यादातर युवा होते थे। वो भी वह युवा जो नशा की लत के चलते अपनी फिटनेस खो चुके थे। इसलिए वह नशे के खिलाफ और युवाओं को आगे कभी भी कोरोना वायरस जैसी बीमारी से लड़ने के लिए मजबूत करने निकले हैं। फिटनेस अच्छी होगी तो किसी भी वायरस से लड़ सकते हैं।
80 दिन में पैदल तय करेंगे 1819 किलोमीटर की यात्रा
अभीराम 6 जनवरी को पुरी ओडिसा से निकले हैं। वह पैदल ही निकले हैं और 80 दिन पैदल चलते हुए दिल्ली पहुंचेगे। ऐसा नहीं है कि वहां वह कोई बड़ा प्रदर्शन करेंगे। जिस सादगी से वह निकले हैं उसी सादगी से वापस लौटेंगे। 15 मार्च को 69 दिन की पदयात्रा के बाद वह ग्वालियर पहुंचे। यहां रात को ठहरे और खाना खाया। वह जिस भी शहर में जाते हैं वहां के कलेक्टर या अन्य प्रशासनिक अफसरों से मिलते हैं। जिस कारण उनके खाने की व्यवस्था हो जाती है। मंगलवार सुबह वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।