कांग्रेस से निष्कासित माणक अग्रवाल ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, कमलनाथ के खिलाफ कार्रवाई की मांग

कांग्रेस से निष्कासित माणक अग्रवाल ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, कमलनाथ के खिलाफ कार्रवाई की मांग


माणक अग्रवाल को MPPC ने एक दिन पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया है.

Bhopal-माणक अग्रवाल ने लिखा-मैं एआईसीसी का मैंबर हूं. इसके बावजूद मेरे ऊपर पीसीसी ने कैसे कार्रवाई कर दी.इनके पास कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है

भोपाल.मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किए गए माणक अग्रवाल (Manak agrawal) ने अब पार्टी की सर्वेसर्वा सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को चिट्ठी लिखी है.उन्होंने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को गलत बताया है.साथ ही अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

सोनिया गांधी को भेजी चिट्ठी में मानक अग्रवाल ने लिखा कमलनाथ ने इमरती देवी को आइटम कहा था. इस पर राहुल जी ने माफी की बात भी की थी.मैंने भी यही बात कही थी.मैं एआईसीसी का मैंबर हूं. इसके बावजूद मेरे ऊपर पीसीसी ने कैसे कार्रवाई कर दी.इनके पास कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है. इस मामले में मुझे मार्गदर्शन दें और उचित कार्रवाई करें.

सोनिया गांधी से निवेदन
मानक अग्रवाल ने यह भी लिखा कि इस पूरे मामले को सोनिया गांधी ही देखें. मैंने गोडसे के समर्थक नेता बाबूलाल चौरसिया को कांग्रेस से हटाने की मांग की थी.इन्हीं मामलों को लेकर मेरे खिलाफ षडयंत्र रचा गया और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति में झूठी शिकायत कराई गई.कमलनाथ से पूछा था सवाल

हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया की कांग्रेस में एंट्री पर मानक अग्रवाल ने ट्वीट कर सीधे पीसीसी चीफ कमलनाथ से सवाल पूछा था कि कमलनाथ जी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह गोडसे की विचारधारा के साथ हैं या गांधी जी की विचारधारा के साथ.जिस तरीके से उन्होंने तारीफ पिछले दिनों में की है.उससे यह स्पष्ट होता है कि वह हमेशा से पार्टी की विचारधारा के विपरीत चले हैं.

कमलनाथ से कहा था-माफी मांगें
मध्य प्रदेश में उप चुनाव प्रचार के दौरान कमलनाथ ने इमरती देवी को आइटम कह दिया था.इस पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के निंदा करने के बाद माणक अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को आड़े हाथों लिया था. उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेता हैं. सारे कांग्रेसजन चाहें वो मध्य प्रदेश के हों या हिंदुस्तान के, उनके मार्गदर्शन में काम करते हैं.भाजपा सहित जितना भी विपक्ष है, उन पर आक्रमण करता रहता है पर वो सत्य से कभी डिगते नहीं हैं.इमरती देवी के मामले में भी उन्होंने सत्य का पक्ष लिया है.मैं समझता हूं जब उन्होंने कहा है कि ये गलती हुई है तो उसके बाद कमलनाथ जी को तत्काल माफी मांग लेनी चाहिए.








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