- Hindi News
- Local
- Mp
- Indore
- Travelers Are Traveling Without Stopping, Movement Is Being Done Without Kovid Protocol .. Kovid NO Tension
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
इंदौर12 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
जिसके पास है वो लगते नहीं है, बाकी समझेंगे
- रेलवे पीआरओ का कहना कोविड की जांच करना सेहत अमले का काम
बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच महाराष्ट्र से यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर सैपलिंग अनिवार्य के साथ ही करने के पहले ही दिन दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे हड़कंप मच गया। दूसरी ओर एयरपोर्ट से कई गुना ज्यादा यात्री बस-ट्रेन से इंदौर आ रहे हैं, इधर, रेलवे स्टेशन पर पुणे, मुंबई ट्रेन से रोजाना हजारो यात्री तो रोज पुणे, मुंबई, नाशिक, शिर्डी, जलगांव, अमरावती से आ रहे हैं, लेकिन दोनों जगह आने वाले यात्रियों की कोई जांच नहीं हो रही है।
एक ही परिवार के है हम , एक ने लगा तो लिया मास्क
उधर, रेलवे अधिकारियों का दावा है कि रेलवे स्टेशन पर कोविड गाइडलाइन का पालन करवाया जा रहा है।एयरपोर्ट पर यात्रियों का एंट्री से पहले लगेज सैनिटाइज हो रहा है। अंदर चेक इन में भी सोशल डिस्टेंस और कोरोना गाइडलाइन का पालन हो रहा है। लेकिन भास्कर ने जब रेलवे स्टेशन का जायजा लिया तो न ही ऑटोमेटेड टिकट चेकिंग के साथ स्कैनिंग भी बंद थी ना ही किसी यात्री को स्क्केन्न किया जा रहा था ना ही किसी बहार से आने वाले यात्रीयों से कोरोना की जांच रिपोर्ट मांगी गई जा रही थी। सबसे खास बात रेलवे ने फिलहाल प्लेटफार्म टिकट की व्यवस्थाएं नहीं की है। बावजूद इसके यात्रियों के साथ उन्हें छोड़ने वाले भी आवाजाही कर रहे है।
बिना मास्क ही देखे कई यात्री
ऑटोमेटेड टिकट चेकिंग के साथ स्कैनिंग भी बंद रेलवे स्टेशन पर अनलॉक के बाद से ऑटोमेटेड टिकट चेकिंग की व्यवस्थाएं की गई थी। हालांकि यह सिस्टम कुछ दिन चलकर बंद हो गया। वहीं स्कैनिंग के लिए भी फिलहाल कोई व्यवस्थाएं नहीं है। पुणे और मुंबई से आने वाले यात्रियों की भी किसी तरह की कोई स्कैनिंग नहीं हो रही है। सबसे खास बात रेलवे ने फिलहाल प्लेटफार्म टिकट की व्यवस्थाएं नहीं की है। बावजूद इसके यात्रियों के साथ उन्हें छोड़ने वाले भी आवाजाही कर रहे है। बैठक व्यवस्थाएं भी सोशल डिस्टेंस के हिसाब से की गई है। एयरपोर्ट डाइरेक्टर अर्यमा सान्याल के अनुसार अनलॉक के बाद से ही कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन हो रहा है। महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों की सैंपलिंग एयरपोर्ट पर ही की जा रही है। दूसरी और अन्य शहरों के यात्रियों से डिक्लेरेशन फार्म भरवाए जा रहे है। सारा रिकॉर्ड यात्रियों का रखा जा रहा है।
मुंबई-पुणे और महाराष्ट्र के दूसरे शहरों से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों की जांच नहीं हो रही है। बेरोकटोक लोग आ-जा रहे हैं। पहले जो यात्रियों का टेम्परेचर देखा जाता था, वो भी बंद है। सारे गेट खुल गए हैं। कहीं से भी यात्री ट्रेन में सवार और बाहर निकल रहे हैं। रेलवे पीआरओ जितेन्द्र कुमार जैन का कहना है कि कोविड की जांच करना सेहत अमले का काम है।
सरकार चाहे, तो हम स्टेशन पर जगह देने को तैयार हैं। एक-एक यात्री की जांच करने का सिस्टम हमारे पास नहीं है। हमारा काम यात्रियों को लाना ले जाना है। मेडिकल टीम तो सरकार के पास है। जब ट्रेनें कम थीं, तब हमारे अफसर टेंपरेचर देख रहे थे, शारीरिक दूरी रखवा रहे थे। अब यात्रियों को मास्क लगाने के लिए टोक रहे हैं। सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने का कह रहे हैं। स्टाल पर मास्क-सैनिटाइजर रखवाए गए हैं। इससे ज्यादा हम नहीं कर पाएंगे। प्रदेश सरकार का स्वास्थ्य विभाग जगह मांगेगा, तो स्टेशन पर दे देंगे, लेकिन अभी तक पहल ही नहीं हुई है।