अल्बानिया और सर्बिया के बीच राजनीतिक तकरार भी है
साल 2014 में UEFA क्वालिफाइंग मैच में सर्बिया-अलबानिया के खिलाड़ियों और फैंस के बीच काफी हिंसा हुई थी
खिलाड़ियों के बीच झंडे को लेकर शुरू हुई लड़ाई
अल्बानिया फुटबॉल एसोसिएशन (Albania Footall Association) के मुताबिक मैच के दिन उनकी बस पर पत्थर फेंके गए थे. वॉर्म अप के दौरान भी खिलाड़ियों पर मैदान में चीजे फेंकी जा रहीं थी. जब मैच शुरू हुआ तो 42वें मिनट में एक ड्रोन मैदान पर आया जिसपर ‘महान अल्बानिया’ लिखा था और उसका नक्शा बना हुआ था. तभी सर्बिया के डिफेंडर स्टीफान मित्रोविच (Stefan Mitrovic) ने झंडे को ड्रोन से खींच लिया. उनका ऐसा करते ही अल्बानिया के डिफेंडर एंडी लिला (Andy Lila) और तोलंद जाका उनसे झंडा लेने पहुंचे औऱ तीनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया.
मैदान पर पहुंच गए फैंसतभी अल्बानिया (Albania) के बेकिम बजाज (Bekim Bajaj) ने मित्रोविच के हाथ से झंडा छीना और उसे लेकर मैदान बाहर जाने लगे. तभी एक सर्बिया के फैन ने मैदान पर आकर उन्हें प्लासटिक के स्टूल से मारना शुरू कर दिया. अल्बानिया के कप्तान लोरिक काना ने फैन को मारना शुरू कर दिया. इसके बाद तो जैसे खिलाड़ी, स्टाफ मेंबर फैन सभी मैदान पर आ गए और लड़ाई शुरू हो गई. इस दौरान दोनों टीमों के फैन स्टैंड से ही कैन, लाइटर, बोतल जैसी चीजें फेंकने लगे. सर्बिया की टीम जब मैदान से वापस जा रही थी तो उन्हें प्लासटिक की एक गुफा बनाकर अंदर तक ले जाया गया हालांकि तब भी फैंस उनपर जूते चप्पल फेंकते रहे. मैच को आधे घंटे के लिए रोक दिया गया जिसके बाद इस मुकाबले को रद्द करने का फैसला किया गया.
मैच के बाद भी खत्म नहीं हुई लड़ाई
मैच के बाद दोनों टीमों पर एक लाख यूरो यानि लगभग 85 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया. मैच तो रद्द हो गया लेकिन 3-0 से अल्बानिया को जीत दी गई हालांकि इसके साथ ही सर्बिया के तीन अंक भी काटे गए. इस फैसले के खिलाफ दोनों ही देशों ने अपील की थी हालांकि फैसले में कोई बदलाव नहीं किया गया था. इसके बाद साल 2015 में जब टीमें आमने-सामने आईं तो सर्बिया के फैंस को मुकाबले के लिए अल्बानिया जाने की अनुमति नहीं मिली
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