- Hindi News
- Local
- Mp
- Bhopal
- Bareli
- Seeing The History Of The Doctor, The Team Is Conducting Door to door Survey, Taking Samples Of Suspects To The Hospital
बरेली3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
स्वास्थ्य टीम सैंपल लेता हुआ कर्मचारी।
- दवा विक्रेताओं की सैंपलिंग को लेकर विरोधाभास की स्थिति
- बीएमओ ने की अपील, जरूरी होने पर ही घरों से निकलें, सुरक्षित रहने घर पर रहना जरूरी
नगर में चार डाॅक्टरों के पॉजिटिव होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। अब प्रशासन ने डॉक्टरों से इलाज करवाने वाले लोगों की हिस्ट्री खंगालना शुरू कर दिया है। डॉक्टरों को भोपाल में उपचार चल रहा है तो वहीं इनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाकर उन्हें होम क्वारेंटाइन किया जा रहा है ताकि संक्रमण बढ़ने से रोका जा सके।
26 जुलाई को 2 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे जिसमें एक डॉक्टर ने 8 दिन के अंदर 684 मरीजों का इलाज किया था। वहीं दूसरी महिला डॉक्टर के द्वारा 274 महिला मरीजों का इलाज किया गया। इन मरीजों के हिस्ट्री निकालकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सैंपलिंग की जा रही है, साथ ही नगर में संचालित समस्त मेडिकल व्यवसायियों के भी सैंपल लिए जा रहे हैं।
ताकि संक्रमित मरीजों की संख्या की रोकथाम की जा सके। पिछले दिनों जेल में 67 मरीजों और 45 मरीज मिलाकर कुल 112 मरीज निकल चुके हैं जिनमें 77 मरीज ठीक हो चुके हैं और एक की मौत हो चुकी है वहीं 34 लोग उपचाररत है। यही वजह रही कि प्रशासन ने सात दिन का लॉकडाउन लगाया है। लेकिन लोग बेवजह आवाजाही कर रहे है जिन पर पुलिस चालानी कार्रवाई कर रही है।
यहां बनी विरोधाभास की स्थिति : नगर में मेडिकल संचालकों की होने वाली सेंपलिंग को लेकर विरोधाभास की स्थिति पैदा हो रही है क्योंकि नगर में लगभग 40 से अधिक मेडिकल संचालित है लेकिन इन सभी संचालकों में किसी को कभी, किसी को कभी सैंपलिंग के लिए बुलाया जा रहा है एवं सैंपलिंग के बाद होम क्वारेंटाइन के लिए कहा जा रहा है। मेडिकल संचालकों का कहना है कि सभी दवा विक्रेताओं के एक साथ यदि सैंपलिंग हो जाए तो वह ज्यादा बेहतर रहेगा। दवा विक्रेता दिनेश बबेले ने बताया कि प्रशासन होम क्वारेंटाइन को लेकर पूर्व से ही सख्ती की जाती तो नगर की यह स्थिति नहीं होती।
4 डॉक्टर पॉजिटिव आने पर इनके संपर्क में आए लोगों को कर रहे होम क्वारेंटाइन
क्यों बिगड़ी स्थिति: सैंपलिंग के बाद भी करते रहे इलाज
बता दें कि नगर में 26 जुलाई को दोनों डॉक्टर के पॉजिटिव की रिपोर्ट आई जिसकी सैंपलिंग 24 जुलाई को की गई थी लेकिन एक डॉक्टर के द्वारा अपने आपको होम क्वारेंटाइन कर लिया गया था। वहीं दूसरे डॉक्टर के द्वारा सैंपलिंग होने के बाद भी मरीजों का उपचार किया जाता रहा यदि सैंपलिंग के बाद दोनों ही डॉक्टर अपने होम क्वारेंटाइन कर लेते तो आज यह स्थिति निर्मित नहीं होती।
क्लीनिक के ओपीडी रजिस्टर से खंगाल रहे हैं हिस्ट्री
नगर के हृदय रोग विशेषज्ञ एवं महिला स्पेशलिस्ट डाॅक्टर की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री निकालने में प्रशासन जुट गया है। सीबीएमओ डाॅ. गिरीश वर्मा ने बताया कि उनके संपर्क में आने वालों को एंट्री रजिस्टर के आधार पर संपर्क किया जा रहा है सभी की सैंपलिंग के साथ होम क्वारेंटाइन किया जा रहा है। वहीं 29 जुलाई को नगर के दो प्राइवेट डॉक्टर भी पॉजिटिव पाए गए हैं।
पूर्व से ही जिन संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए गए हैं या वर्तमान में लिए जा रहे हैं उन्हें तत्काल जांच रिपोर्ट नहीं आने तक होम क्वारेंटाइन किया जा रहा है। फिर भी लोग अपने घरों से निकलकर यहां वहां घूमते हैं या अन्य लोगों के संपर्क में आते हैं इससे खतरा बढ़ जाता है जो क्षेत्र के लिए नुकसानदायक है।
डॉ. गिरीश वर्मा, सीबीएमओ
0