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ग्वालियरएक घंटा पहले
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कृषि महाविद्यालय में छात्रों ने सांकेतिक जेल बनाई, पुलिस जवान तैयार किए, इसके बाद तीन छात्रों को शिवराज सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया व मंत्री कमल पटेल के मुखौटे लगाकर सांकेतिक फांसी दी गई
- शुक्रवार दोपहर किया गया यह उग्र प्रदर्शन
- कृषि कॉलेज के अंदर और बाहर किया गया प्रदर्शन
- PEB परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर छात्र कर रहे हैं जांच की मांग
कृषि कॉलेज के छात्रों ने शुक्रवार को प्रदेश के CM शिवराज सिंह, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के मुखौटे पहले छात्रों को सांकेतिक कोड़े मारे फिर फांसी पर लटकाया है। छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन का कारण PEB (प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड) द्वारा ली गई परीक्षा में गड़बड़ी की जांच न कराना है। छात्र 38 दिन से लगातार प्रदर्शन कर CBI जांच की मांग पर अड़े हैं, लेकिन CM शिवराज सिंह कोई फैसला नहीं ले रहे हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगे नहीं मानी गईं थी तो वह और भी उग्र प्रदर्शन पर विवश होंगे।
ग्वालियर में प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड द्वारा कृषि छात्रों के लिए 10 और 11 फरवरी को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी व ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की परीक्षा ली गईं थी। इस परीक्षा में काफी गड़बड़ी किए जाने से छात्र खफा थे। छात्रों ने वापस परीक्षा कराने और ली गई परीक्षा में गड़बड़ी की जांच CBI से कराने को लेकर प्रदर्शन शुरू किया था। एग्रीकल्चर छात्रों का प्रदर्शन लगातार 38 वें दिन भी जारी रहा है। शुक्रवार को प्रदर्शन की कड़ी में विरोध कर रहे छात्रों ने विरोध का अनूठा तरीका निकाला है। छात्रों ने पूरे हॉस्टल को सेन्ट्रल जेल का रूप दिया। इसके बाद तीन बंदियों को फांसी के लिए लाया गया। यह तीन बंदी प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के मुखौटे लगाए छात्र थे। छात्रों ने खुद इन तीनों के चेहरे के मास्क पहने। इसके बाद पूरे जेल में इन तीनों को खड़े कर कोडे बरसाए गए। आखिर में तीनों को जल्लाद ने कथित पुलिस की मौजूदगी में फांसी लगाई। इसके बाद छात्रों ने काफी नारेबाजी की है। छात्रों का कहना है कि प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड द्वारा ली गई परीक्षा में काफी गड़बड़ी हुई है, जिससे छात्रों का भविष्य बर्बाद होने की कगार पर है।
CBI जांच की मांग
कृषि महाविद्यालय के छात्रों का कहना है कि प्रदेश में पहले व्यापमं कांड हुआ, अब PEB द्वारा 10 और 11 फरवरी को ली गई परीक्षाओं में काफी गड़बड़ी हुई हैं। परीक्षा से पहले पेपर लीक होना और अन्य तरह की गड़बड़ी सामने आई है। इससे जो पूरा पेपर करके आए उनके नंबर भी शून्य आए हैं।। इसलिए हमें प्रदर्शन करते हुए 38 दिन हो गए हैं और अभी तक प्रदेश के सीएम ने एक शब्द तक नहीं कहा है। यह प्रदर्शन अकेले ग्वालियर में नहीं हो रहा है। जहां-जहां कृषि महाविद्यालय हैं वहां यह प्रदर्शन चल रहे हैं। अब तो CBI जांच की मांग है।
पुलिस फोर्स रहा मौजूद
छात्रों के इस तरह के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तत्काल पड़ाव व गोला का मंदिर थाना पुलिस कृषि महाविद्यालय गेट पर पहुंच गईं। पुलिस को हंगामा की आशंका थी। कुछ समय से छात्र काफी आक्रोशित होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के बंगले पर खून की चिट्ठी लिख चुके हैं। कलेक्ट्रेट कार्यालय पर हंगामा और उसके बाद अंडर वियर में प्रदर्शन कर चुके हैं।