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- A Partner Was Formed In The Company That Bought Foreign Electric Appliances In The Auction, Own Deposits In The Pursuit Of Earning Millions
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जबलपुरएक घंटा पहले
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कंपनी में पार्टनर बनाने का झांसा देकर 38 लाख ठग लिए।
- संजीवनी नगर में थाने में पीड़ित ने दर्ज कराई एफआईआर, आरोपी निकले राजस्थान के
- आरोपियों ने 63 लाख रुपए कराए थे जमा, 25 लाख ही लौटाया
विदेशों से शिप से आने वाले इलेक्ट्रानिक और घरेलू उपकरणों काे नीलामी में खरीदने वाली कंपनी में पार्टनर बनाने का झांसा देकर राजस्थान के कुछ लोगों ने शहर के एक व्यक्ति को 38 हजार की चपत लगा दी। पीड़ित से आरोपियों ने 63 लाख रुपए जमा करा लिए। पर न तो कोई मुनाफा दिया और न ही कंपनी में हिस्सेदार ही बनाया। जैसे-तैसे एक पार्टनर ने 25 लाख रुपए लौटाए। 38 लाख लौटाने का नाम नहीं ले रहे। पीड़ित की शिकायत पर संजीवनी नगर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया।
जानकारी के अनुसार रामेश्वर कॉलोनी विजय नगर नारायण चक्रवर्ती की दोस्ती गोपाल गुप्ता से है। 2017 में गोपाल के माध्यम से उसका परिचय जोधपुर निवासी भानू प्रताप सिंह से हुआ। भानू ने बताया कि वह एक व्यवसाय प्रारंभ कर रहा है। पैसे लगाने पर अच्छा लाभ होगा। इसके बाद उसने साथी महेंद्र सिंह और कर्णनी से मिलवाया। साथ ही जोधपुर (राजस्थान) और रायपुर (छत्तीसगढ़) स्थित अपने गोदाम का भ्रमण कराया।
झांसे में फंसाने अपने जोधपुर व रायपुर के गोदामों का भ्रमण कराया
तीनों ने बताया कि इलेक्ट्रानिक और अन्य घरेलू विदेशी उपकरण शिप से अपने देश आते हैं। उन्हें नीलामी में एकट्ठे खरीद लेते हैं। इसके बाद उसे देश भर के अलग-अलग शहरों में व्यापारियों को बेच देते हैं। इसमें भारी मुनाफा होता है। नारायण चक्रवर्ती को भी पैसे लगाने के लिए ऑफर दिया। भानू ने बताया कि उसने इलेक्ट्रानिक सामान की एक कंपनी बनाई है। कंपनी उसके भाई महेंद्र प्रताप सिंह की है। इसी कंपनी में सांग्याजी इंटरप्राइजेज नाम से व्यवसाय करेंगे।
लाभ कमाने के फेर में 38 लाख रुपए गवां बैठा
नारायण चक्रवर्ती उनकी बातों में फंस गया। इसके बाद उसने 26 दिसंबर 2017 को महेंद्र प्रताप सिंह के जोधपुर स्थित खाते में 15 लाख रुपए जमा करा दिए। दो जनवरी 2018 को भानू प्रताप सिंह ने किसी को तत्काल 23 लाख रुपए भुगतान के लिए पैसों की जरूरत बताई। तब नारायण ने दोस्तों व रिश्तेदारों से उधार लेकर भानू को 23 लाख रुपए दिए।
नोटिस देने पर सिर्फ एक आरोपी ने 25 लाख रुपए लौटाए
कर्णन सिंह के खाते में 28 मार्च 2019 को दो बार में 25 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किए। 63 लाख रुपए की ठगी होने के बाद जालसाजों की पोल खुली। आरोपी न तो उसका मूलधन लौटा रहे और न ही ब्याज के पैसे ही लोटा रहे हैं। अब तो उसके फोन तक रिसीव नहीं कर रहे हैं। सोशल चैट पर पैसा लौटाने का सिर्फ आश्वासन देते हैं।
नोटिस देने ने कर्णनी ने 25 लाख लौटाए
महेंद्र प्रताप सिंह भाटी ही सांग्याजी इंटरप्राइजेज जोधपुर व रायजपुर कंपनी का संचालक है। नारायण चक्रवर्ती ने भानू को 23 लाख, महेंद्र प्रताप सिंह को 15 लाख और कर्णनी को 25 लाख रुपए दिए थे। नोटिस देने पर कर्णनी ने 25 लाख रुपए लौटा दिए। पर महेंद्र व भानू न तो 38 लाख रुपए ही लौटाए और न ही कंपनी के लाभ-हानि का कोई जानकारी ही साझा करना उचित समझा। पुलिस ने उक्त दोनों आरोपी के खिलाफ धारा 420 भादवि का प्रकरण दर्ज कर लिया।
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