वित्तीय वर्ष 2020-21 हो रहा खत्म: आयकर बचाना है तो 31 से पहले करना होगा निवेश, आधार को पैन से लिंक नहीं करवाया तो डीएक्टिवेट कर सकता है आईटी

वित्तीय वर्ष 2020-21 हो रहा खत्म: आयकर बचाना है तो 31 से पहले करना होगा निवेश, आधार को पैन से लिंक नहीं करवाया तो डीएक्टिवेट कर सकता है आईटी


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इंदौर13 मिनट पहले

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  • जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और वित्त वर्ष 2019-20 का रिटर्न लेट फीस से भरने का अंतिम दिन भी 31 मार्च

वित्तीय वर्ष 2020-21 खत्म होने में केवल 4 दिन बचे हैं। करदाताओं को इनकम टैक्स एक्ट के प्रावधानों में यदि अपनी आय पर छूट चाहिए तो उन्हें 31 मार्च से पहले निवेश करना होगा। टैक्स बचाने के लिए जीवन बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड, स्वास्थ्य बीमा, पीपीएफ, एनपीएस आदि में निवेश कर सकते हैं। इंदौर जिले की बात करें तो यहां करीब 12 लाख आयकर दाता हैं, जिनमें से अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग रिटर्न भर चुके हैं।

सीए एसोसिएशन के चेयरमैन सीए कीर्ति जोशी ने बताया कि आधार को पैन से लिंक करने की भी अंतिम तारीख 31 मार्च है। लिंक न करवाने पर पैन को आयकर विभाग डीएक्टिवेट कर सकता है। ऐसा होने पर आपके वित्तीय लेनदेन को रिपोर्ट करने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा एवं विभाग 1 अप्रैल के बाद 10 हजार रुपए की पेनल्टी लगा सकेगा।

यह भी 31 मार्च तक ही करना होगा

  • वित्त वर्ष 2019-20 का जीएसटी वार्षिक रिटर्न एवं ऑडिट दाखिल करना।
  • यदि आप वस्तु या सेवा का एक्सपोर्ट करते हैं या एसईजेड को जीरो रेट से बिना आईजीएसटी लगाए सप्लाई करते हैं तो वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आपको लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के लिए आवेदन 31 मार्च 2021 के पहले करना होगा।
  • पीएम आवास योजना में क्रेडिट सब्सिडी की अंतिम तारीख 31 मार्च, इसके बाद एक साल केवल महिलाओं को ही मिलेगी यह।
  • अगले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए कंपोजिशन स्कीम का चयन करना चाहते हैं तो 31 मार्च से पहले आवेदन करना होगा।
  • ऐसे व्यापारी, जिनका टर्नओवर 50 करोड़ से ज्यादा है, उन्हें 1 अप्रैल से जीएसटी में ई-इनवॉइस जारी करना होगा। ऐसे कारोबारियों को सॉफ्टवेयर एवं बिलिंग की ऐसी व्यवस्था करना होगी ताकि वे ई-इनवॉइस जारी कर सकें।
  • 1 अप्रैल से बिल पर वस्तु या सेवा का अनिवार्य रूप से एचएसएन कोड लिखना होगा। ऐसे करदाता जिनका टर्नओवर 1.5 करोड़ तक है, उन्हें 4 अंकों का, 5 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को अब 6 अंकों का कोड लिखना होगा।
  • यदि आपने वित्त वर्ष 2019-20 की इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं की है तो यह लेट फीस के साथ रिटर्न दाखिल करने का अंतिम अवसर है। – यदि करदाता की कुल आय 5 लाख से अधिक नहीं है तो 1 हजार रुपए लेट फीस, जबकि कुल आय 5 लाख से अधिक है तो 10 हजार रुपए लेट फीस लगेगी। गलती पर सुधार भी 31 मार्च तक रिवाइज रिटर्न से किया जा सकता है।

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