महंगी हुई शराब: शुष्क दिवस से पहले ओवर रेटिंग का खेल, दादागिरी से वसूल रहे एमआरपी से ज्यादा रेट

महंगी हुई शराब: शुष्क दिवस से पहले ओवर रेटिंग का खेल, दादागिरी से वसूल रहे एमआरपी से ज्यादा रेट


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सतनाएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

कोलगवां देशी शराब की दुकान

  • रोड बुड सप्लायर कंपनी की जिलेभर में मनमानी

होली त्योहार के मददेनजर जिलेभर में शराब कंपनियों ने मनमानी तरीके से रेट बढ़ा दिए है। बताया गया कि सतना जिले में रोड बुड सप्लायर कंपनी ने अपनी दुकानों में 10 से 20 फीसदी एमआरपी से ज्यादा ग्राहकों को शराब बेच रहे है। हालां​कि इसकी शिकायत लोगों ने आबकारी अधिकारी सहित सोशल मीडिया में वीडियों वायरल कर मीडिया को दी लेकिन कुछ खास अंतर नहीं हुआ। सूत्रों का दावा है कि बोतल पर 100, हाफ में 50 व क्वार्टर में 30 रुपए की ओवर रेटिंग की जा रही है, जो नियम विरुद्ध है।

जिला आबकारी अधिकारी वीएस सोलंकी द्वारा रेट लिस्ट तैयार की गई थी। इसके बाद भी जिले के अंदर शराब की दुकानों में मनमानी तरीके से शराब बेचीं जा रही है।ग्राहकों से सेल्समैन अभद्रता व गालीगलौज से बात करने लगते है और मारने की धमकी देते है। ऐसा ही एक मामला स्टेशन रोड पर स्थित अग्रेजी शराब की दुकान में संज्ञान में आया। जहां एक व्यक्ति के द्वारा जब शराब की मांग की गई तो एमआरपी रेट से ज्यादा दिया गया। वहां पर सेल्समैन ने उससे जबरिया रेट ज्यादा लिया। पूछने पर गालीगलौज पर उतारू हो गया, उसका वीडियो उस व्यक्ति के द्वारा बनाया गया, फिर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया है।

80 की शराब 90 रुपए में
कोलगवां स्थित देशी शराब दुकान में 80 रुपए में उपलब्ध होने वाली 200 एमएल वाली सादा शराब 90 रुपए में बेची जा रही है। इस किस्म की खबरें दीगर क्षेत्रों में संचालित शराब दुकानों से भी आ रही हैं। खबरों में बताया गया है कि होली त्योहार के मद्देनजर 29 मार्च को दुकानें बंद रखने के आए प्रशासनिक आदेश के चलते ठेकेदार निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर ग्राहकों को शराब बेच रहे हैं। उन्हें यह अच्छी तरह से अहसास है कि शराब प्रेमी हर हाल में उनकी तय कीमत को चुकाकर त्योहार में शराब का स्टॉक रखने की कोशिश करेगा। इस मामले में जब भास्कर ने जिला आबकारी अधिकारी वीएस सोलंकी से दूरभाष पर बात करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

जाली के पीछे रेट
आबकारी नियमों के मुताबिक शराब दुकान के बाहर रेट लिस्ट का प्रदर्शन करने का नियम है। इसमें एमआरपी और एमएसपी दोनों लिखे हुए हो, ताकि ग्राहकों को भी पता चले सके कि प्रोडेक्ट की न्यूनतम बिक्री और अधिकतम कीतम क्या है। यहां पर शराब दुकानों में रेट लिस्ट के प्रदर्शन से परहेज किया गया है।

खबरें और भी हैं…



Source link