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जबलपुर2 घंटे पहले
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- दो दिन में आँकड़ा और बढ़ने की उम्मीद
कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने और लगभग डेढ़ महीने तक पिछले साल टोटल लॉकडाउन रहने और इस दौरान रजिस्ट्री दफ्तर बंद रहने के बावजूद पंजीयन विभाग की कमाई में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले ही विभाग की आय का आँकड़ा 300 करोड़ के पार पहुँचा गया है।
हालाँकि अभी भी विभाग टारगेट से लगभग 84 करोड़ पीछे है। पंजीयन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी दो दिन और उनके पास हैं, इस दौरान दस्तावेजों के पंजीयन होंगे जिससे विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा। पंजीयन विभाग को इस बार 384 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया था। कोरोना संक्रमण फैलने के कारण जमीन के क्रय-विक्रय का काम बिल्कुल थम सा गया था। यही कारण है कि रजिस्ट्रियाँ भी बहुत कम हो रहीं थीं।
संक्रमण का प्रभाव जब अक्टूबर और नवंबर माह में थोड़ा कम हुआ तो रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या भी बढ़ी, वहीं दूसरी तरफ मार्च माह में रजिस्ट्री का आँकड़ा तेजी से बढ़ा और हर दिन डेढ़ सौ से दो सौ रजिस्ट्रियाँ हुईं जिसके कारण विभाग की आय भी बढ़ी और विभाग के पास स्टाम्प और ड्यूटी शुल्क से 3 सौ करोड़ रुपये की आय हुई। अधिकारियों का कहना है कि अगर लॉकडाउन के दौरान पंजीयन आफिस खुले रहते तो इस बार टारगेट पूरा हो सकता था।
30 अप्रैल तक पुरानी गाइडलाइन पर होंगी रजिस्ट्रियाँ
जिले की नई कलेक्टर गाइडलाइन तैयार हो गई है जिसमें 20 से 30 फीसदी प्रापर्टी के रेट में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव भेजा गया है। जिला मूल्यांकन समिति ने इसमें अपनी सहमति भी दे दी है, अब केन्द्रीय मूल्यांकन समिति की मुहर लगना बाकी है। हालाँकि इससे पहले ही आदेश जारी हो गए कि 30 अप्रैल तक अभी पुरानी कलेक्टर गाइडलाइन पर ही रजिस्ट्रियाँ की जाएँ।
अभी और बढ़ेगी आय
इस वित्तीय वर्ष में अब तक पंजीयन विभाग की आय लगभग 3 सौ करोड़ रुपए हो गई है। जबकि लक्ष्य 384 करोड़ का था। अभी दो दिन शेष हैं कुछ आय और बढ़ सकती है।
-प्रभाकर चतुर्वेदी, डीआईजी पंजीयन